राजधानी भोपाल में किन्नर समाज ने रविवार को भुजरिया पर्व पारंपरिक अंदाज में मनाया। काजल गुरु के नेतृत्व में निकले जुलूस में बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए। गुफा मंदिर पहुंचकर भगवान को भुजरियां अर्पित की गईं और देश में शांति, सुख-समृद्धि और अच्छी बारिश की कामना की गई।
भोपाल में भुजरिया पर्व के दौरान किन्नर समाज की एकजुटता और आस्था का अलग ही रंग देखने को मिला। पारंपरिक तरीके से निकाली गई भुजरियों की यात्रा शहर के प्रमुख रास्तों से होकर गुफा मंदिर पहुंची। इस दौरान समाज के लोगों ने धार्मिक उत्साह के साथ पर्व मनाया और अपनी पुरानी परंपरा को आगे बढ़ाया।
काजल गुरु के नेतृत्व में निकला भुजरिया जुलूस
भुजरिया पर्व के मौके पर भोपाल में किन्नर समाज के लोगों ने मिलकर जुलूस निकाला। काजल गुरु के नेतृत्व में निकली इस यात्रा में समाज के कई लोग शामिल हुए। जुलूस शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरता हुआ गुफा मंदिर पहुंचा। रास्ते में धार्मिक माहौल नजर आया और समाज के लोगों ने अपनी परंपरा के अनुसार पर्व मनाया।
किन्नर समाज के लिए यह आयोजन सिर्फ एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आपसी एकता और अपनी पुरानी परंपराओं को आगे बढ़ाने का अवसर भी है। हर साल की तरह इस बार भी समाज के लोगों ने मिलकर भुजरिया पर्व मनाया और अपनी आस्था को सार्वजनिक रूप से व्यक्त किया।
गुफा मंदिर में भगवान को अर्पित की गईं भुजरियां
जुलूस के गुफा मंदिर पहुंचने के बाद धार्मिक कार्यक्रम हुआ। यहां किन्नर समाज के लोगों ने भुजरियां भगवान को अर्पित कीं। पूजा-अर्चना के दौरान देश और समाज की सुख-शांति के लिए प्रार्थना की गई। इसके साथ ही अच्छी बारिश और खुशहाली की कामना भी की गई।
भुजरिया पर्व को कई जगहों पर बारिश, खेती और सुख-समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है। ऐसे में इस पर्व के दौरान अच्छी बारिश की कामना का भी खास महत्व माना जाता है। भोपाल में हुए आयोजन में भी समाज के लोगों ने देश में शांति और लोगों के जीवन में खुशहाली की प्रार्थना की।
अच्छी बारिश और देश की खुशहाली की मांगी दुआ
इस बार भोपाल के किन्नर समाज ने भुजरिया पर्व के जरिए देश की खुशहाली और अच्छी बारिश की कामना की। धार्मिक आयोजन के दौरान समाज के लोगों ने एक साथ भगवान से सुख-शांति की प्रार्थना की।
काजल गुरु के अनुसार, भोपाल में किन्नर समाज लंबे समय से भुजरिया पर्व अपनी परंपरा के अनुसार मनाता आ रहा है। हर साल पर्व के मौके पर भुजरियों का जुलूस निकाला जाता है और धार्मिक स्थल पर पहुंचकर पूजा-अर्चना की जाती है। इस परंपरा के जरिए समाज अपनी संस्कृति और धार्मिक जुड़ाव को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहा है।
बॉलीवुड थीम से अलग इस बार धार्मिक रंग में दिखा आयोजन
भुजरिया पर्व को लेकर हर साल अलग-अलग तरह की तैयारियां देखने को मिलती हैं। इस बार भोपाल में किन्नर समाज ने आयोजन को बॉलीवुड थीम से अलग रखते हुए धार्मिक रंग देने पर जोर दिया। काजल गुरु ने बताया कि इस बार पर्व को धार्मिक थीम पर मनाया गया। आयोजन में धार्मिक परंपरा और पूजा-अर्चना को प्रमुखता दी गई। इससे पर्व के दौरान समाज की आस्था और पुरानी परंपराओं का रंग और गहरा नजर आया।
भुजरिया पर्व बना समाज की एकजुटता का मौका
भोपाल में भुजरिया पर्व के दौरान किन्नर समाज के लोगों की एकजुटता भी देखने को मिली। जुलूस में शामिल लोगों ने मिलकर धार्मिक आयोजन में हिस्सा लिया। भुजरियां लेकर गुफा मंदिर पहुंचना और वहां पूजा करना इस आयोजन का मुख्य हिस्सा रहा।






