मध्यप्रदेश में शिक्षक भर्ती 2025 में पद बढ़ाने की मांग को लेकर चयनित अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी है। राजधानी भोपाल के नीलम पार्क में वर्ग-2 और वर्ग-3 के अभ्यर्थी पदवृद्धि और नियुक्ति की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं। इस मुद्दे को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा सरकार पर निशाना साधा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में शिक्षकों के पद खाली हैं, भर्ती प्रक्रिया अटकी हुई है और अभ्यर्थी अपनी मांग सरकार तक पहुंचाने के लिए खून से नारे लिखने तक को मजबूर हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि जब युवा खून से अपनी मांग लिखने को मजबूर हों तो यह सरकार की संवेदनशीलता पर सवाल खड़ा करता है।
जारी है शिक्षकों का आंदोलन
शिक्षक भर्ती 2025 के तहत वर्ग-2 और वर्ग-3 में पदों की संख्या बढ़ाने की मांग को लेकर अभ्यर्थी भोपाल में प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी वर्ग-2 में तीन हजार और वर्ग-3 में पच्चीस हजार अतिरिक्त पद जोड़ने की मांग कर रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि विभाग में रिक्तियां होने के बावजूद भर्ती में पदों की संख्या सीमित रखे जाने से बड़ी संख्या में योग्य उम्मीदवार नियुक्ति से बाहर रह सकते हैं। इसी मांग को लेकर नीलम पार्क में अनिश्चितकालीन धरना जारी है।
सरकारी आंकड़ों में भी शिक्षक पदों की कमी का रिकॉर्ड
मध्यप्रदेश में शिक्षकों की कमी का मुद्दा भी लंबे समय से विवादों में रहा है। इस साल जुलाई में विधानसभा में दिए गए जवाब के अनुसार, मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों में स्वीकृत शिक्षक पदों में बड़ी संख्या रिक्त है। जानकारी के अनुसार, 2,87,455 स्वीकृत पदों में से 2,15,103 पदों पर शिक्षक कार्यरत थे जबकि 72,950 पद रिक्त थे। विधानसभा के आधिकारिक रिकॉर्ड में भी शिक्षक पदों की रिक्तियों और लंबित नियमित भर्ती का मुद्दा दर्ज है। स्कूल शिक्षा मंत्री ने बताया कि प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर पर रिक्त पदों की जानकारी उपलब्ध है और रिक्त पदों पर अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही कुछ शिक्षक चयन सूचियों के आधार पर नियुक्ति आदेश जारी किए जाने की जानकारी दी गई।
उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा
कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर सरकार से सवाल कर रही है। उमंग सिंघार ने आंदोलनरत शिक्षक अभ्यर्थियों के पक्ष में एकजुटता दिखाते हुए कहा है कि “शिक्षकों के पद खाली हैं, भर्ती अटकी है और अभ्यर्थी खून से नारे लिखकर सरकार को अपनी पीड़ा बता रहे हैं।” कांग्रेस नेता ने कहा है कि मजबूर युवाओं ने खून से नारे लिखकर सोई हुई सरकार को जगाने की कोशिश की लेकिन भाजपा सरकार को न युवाओं का भविष्य दिखाई दे रहा है, न प्रदेश के बच्चों की चिंता। उन्होंने बीजेपी को घेरते हुए कहा है कि प्रदेश के युवा भीख नहीं अपना अधिकार मांग रहे हैं लेकिन सरकार की संवेदनशीलता कागजों में गुम है।
शिक्षकों के पद खाली हैं, भर्ती अटकी है और अभ्यर्थी खून से नारे लिखकर सरकार को अपनी पीड़ा बता रहे हैं।
शिक्षक भर्ती 2025 में वर्ग-2 और वर्ग-3 के पद बढ़ाने की मांग को लेकर चयनित अभ्यर्थी राजधानी भोपाल में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। मजबूर युवाओं ने खून से नारे लिखकर सोई हुई… pic.twitter.com/Gjl1l4RxQY
— Umang Singhar (@UmangSinghar) August 31, 2026






