भोपाल में बैरसिया रोड पर घूम रहा टाइगर, गांवों में डर का माहौल; किसानों ने रात में खेत जाना छोड़ा

भोपाल के बैरसिया रोड इलाके में टाइगर का लगातार मूवमेंट ग्रामीणों के लिए डर का कारण बन गया है। 7 गांवों में लोग रात होते ही घरों में कैद हो रहे हैं, जबकि वन विभाग की टीम लगातार जंगल और नदी किनारे सर्च अभियान चला रही है।
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भोपाल की शांत मानी जाने वाली बैरसिया रोड इन दिनों डर और दहशत की वजह बन गई है। यहां टाइगर का मूवमेंट लगातार बढ़ता जा रहा है। गांवों में रहने वाले लोग अब शाम ढलते ही अपने घरों के दरवाजे बंद कर लेते हैं। खेतों में रात को जाना लगभग बंद हो चुका है। बच्चों को अकेले बाहर निकलने से रोका जा रहा है। सबसे ज्यादा डर उन परिवारों में है जिनके घर गांव के किनारे या खेतों के पास बने हुए हैं।

पिछले 10 दिनों में टाइगर 5 गाय और भैंसों का शिकार कर चुका है। यह घटनाएं सिर्फ जंगल के आसपास नहीं, बल्कि गांवों के नजदीक हुई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि टाइगर पहाड़ी रास्तों और हलाली नदी के किनारे से गांवों तक पहुंच रहा है। कई लोगों ने अब अपने रोजाना के रास्ते बदल दिए हैं। लोग 5 से 6 किलोमीटर ज्यादा घूमकर सफर कर रहे हैं ताकि कहीं सामने अचानक टाइगर न आ जाए।

बैरसिया रोड के 7 गांवों में टाइगर का मूवमेंट, लोगों में डर का माहौल

भोपाल के बैरसिया रोड इलाके के कनेरा गांव, करोंदखुर्द, मुगालिया कोट, कड़ेया, छापर, अगरिया और चांचड़ गांव में टाइगर का मूवमेंट लगातार देखा जा रहा है। हलाली नदी के आसपास भी कई बार टाइगर दिखाई देने की जानकारी सामने आई है। गांवों के लोगों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से रात में अजीब आवाजें सुनाई देती हैं और सुबह खेतों या खलिहानों के पास मवेशियों के शव मिल रहे हैं।

सबसे पहले करीब 10 दिन पहले कनेरा गांव में टाइगर दिखाई दिया था। शुरुआत में लोगों को लगा कि शायद वह जंगल की तरफ चला जाएगा, लेकिन इसके बाद लगातार मवेशियों पर हमले होने लगे। बीती रात भी एक गाय का शिकार किया गया। इससे गांव वालों का डर और बढ़ गया है।

हलाली नदी और पहाड़ी रास्तों से गांवों तक पहुंच रहा टाइगर

वन विभाग की शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि टाइगर जंगल और नदी किनारे बने प्राकृतिक रास्तों का इस्तेमाल कर रहा है। हलाली नदी के आसपास घना इलाका होने की वजह से वहां से गांव तक पहुंचना आसान हो जाता है। यही कारण है कि टाइगर बार-बार गांवों के आसपास दिखाई दे रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले इस इलाके में जंगली जानवर जरूर दिखाई देते थे, लेकिन टाइगर का इतनी बार गांव तक आना नई बात है। कई ग्रामीणों ने दावा किया कि उन्होंने देर रात खेतों के पास टाइगर को चलते हुए देखा। कुछ लोगों ने दूर से उसकी आवाज भी सुनी।

वन विभाग की टीम ने इलाके में पैरों के निशान भी देखे हैं। हालांकि अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि यह एक ही टाइगर है या एक से ज्यादा। अधिकारियों का कहना है कि आसपास के जंगलों से भटककर टाइगर आबादी वाले इलाके में पहुंच सकता है। गर्मी के मौसम में पानी और शिकार की तलाश में जंगली जानवर अक्सर जंगल से बाहर निकल आते हैं।

वन विभाग ने जारी किया अलर्ट

ग्रामीणों से सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने गांवों और आसपास के इलाकों में सर्च अभियान शुरू किया। कई जगह कैमरे और निगरानी टीम भी लगाई गई है। हालांकि अभी तक टाइगर को पकड़ा नहीं जा सका है।

वन विभाग ने गांव वालों के लिए अलर्ट जारी किया है। लोगों से कहा गया है कि वे रात में अकेले बाहर न निकलें। बच्चों को खेतों या नदी किनारे जाने से रोका गया है। साथ ही मवेशियों को खुले में न बांधने की सलाह दी गई है।

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ समाज तक पहुंचाने का माध्यम है। तथ्यों की पड़ताल, महत्वपूर्ण मुद्दों को समझना और निष्पक्ष खबरों के जरिए लोगों की आवाज़ बनना मेरी पत्रकारिता की पहचान है। View all posts by Bhawna Choubey →
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