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BRICS सम्मेलन में आज जुटेंगे संस्कृति मंत्री, सांची में देखेंगे भारत की सांस्कृतिक विरासत

भोपाल में आज ब्रिक्स सम्मेलन का चौथा दिन है। आज अलग-अलग देशों के संस्कृति मंत्रियों की मीटिंग आयोजित की जाने वाली है। यह सभी अपने-अपने देश की संस्कृत विरासत के बारे में जानकारी देंगे। इसके बाद ये विदेशी मेहमान में भारत की सांस्कृतिक विरासत का दीदार करने के लिए सांची स्तूप जाने वाले हैं।
Bhopal

भोपाल में शनिवार को ब्रिक्स देश के संस्कृति मंत्रियों की मीटिंग आयोजित की जाने वाली है। इस मीटिंग में शामिल होने वाले सभी मंत्री अपने-अपने देश की सांस्कृतिक विरासत, रचनात्मक अर्थव्यवस्था, संग्रहालय और क्षमता निर्माण के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने के लिए मंथन करेंगे।

5 अगस्त से भोपाल में ब्रिक्स सांस्कृतिक सम्मेलन की शुरुआत हुई थी, जिसका आज चौथा दिन है। आज होने वाली बैठक ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की घोषणा को अपनाने के साथ समाप्त की जाएगी। इसके बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा लंच का कार्यक्रम भी रखा गया है। बता दें कि ब्रिक्स देशों के मंत्री शुक्रवार को भोपाल पहुंच चुके हैं।

सांची स्तूप की करेंगे यात्रा

इस बैठक के बाद विदेशी मंत्री और प्रतिनिधि मंडल भारत की समृद्ध बौद्ध विरासत और स्थापत्य कला का अवलोकन करने के लिए सांची भी जाने वाले हैं। वह बुद्ध जंबूदीप का भ्रमण करेंगे और इसके बाद सांची स्तूप का एक विशेष टूर लेंगे। इस दौरान चेतियागिरी मंदिर में दर्शन करने के साथ-साथ योग और ध्यान सत्र भी रखा गया है। शाम के समय बौद्ध इतिहास और कला पर आधारित आकर्षक 3D प्रोजेक्शन मेपिंग और लाइट तथा साउंड शो आयोजित किया जाएगा।

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लंच डिनर में प्रदेश के मुख्य व्यंजन

ब्रिक्स सम्मेलन में आने वाले अलग-अलग देशों के संस्कृति मंत्रियों के लिए लंच और डिनर में खास मेन्यू रखा गया है। विदेशी मेहमानों के लिए मध्य प्रदेश के प्रमुख व्यंजन जैसे दाल बाफला, गुइया की सब्जी, चंबल का थोपा, निमोना, चंदिया और मिलेट्स से कोदो और कुटकी शामिल किए गए हैं। विदेशी मेहमानों के स्वाद और प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए वेस्टर्न और ओरिएंटल व्यंजन भी परोसे जाएंगे।

कल होगी वापसी

ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल होने के लिए आए विदेशी मेहमान कल रवाना होंगे। उनकी रवानगी से पहले यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल भीमबेटका शैलाश्रय के लिए एक वैकल्पिक भ्रमण की व्यवस्था रखी गई है। इच्छुक मेहमान इस भ्रमण पर जा सकते हैं। ये यात्रा मेहमानों को भारत की असाधारण शैल कला विरासत का अनुभव करने का अवसर प्रदान करेगी।

Diksha Bhanupriy
लेखक के बारे में
"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy
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