
भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। साल 2022 के शुरूआत में ही मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार (MP Shivraj Government) एक के बाद एक बड़े फैसले ले रही है। इसी कड़ी में अब जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission) में करीब 1051 करोड़ की जल-प्रदाय योजनाएँ मंजूर की गई है, इससे 32 जिलों की ग्रामीण आबादी लाभान्वित होगी।इसमें 1327 जल-प्रदाय योजनाओं का काम लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE Department) और 12 जल-प्रदाय योजनाओं का कार्य जल निगम द्वारा किया जाएगा।
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लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने जल जीवन मिशन में 1050 करोड़ 77 लाख 4 हजार रूपये लागत की 1339 ग्रामीण नलजल प्रदाय योजनाओं (रेट्रोफिटिंग) की स्वीकृति जारी की है। इसमें 1327 जल-प्रदाय योजनाओं का कार्य लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग और 12 जल-प्रदाय योजनाओं का कार्य जल निगम द्वारा किया जायेगा।जल जीवन मिशन में पूरे प्रदेश (Madhya Pradesh) की ग्रामीण आबादी को नल कनेक्शन से जल उपलब्ध करवाने का कार्य किया जा रहा है। अब तक प्रदेश में 46 लाख 56 हजार से अधिक परिवारों को मिशन का लाभ दिया जा चुका है। मिशन में जल-प्रदाय योजनाओं के जिन प्रस्तावों पर स्वीकृति जारी की गई है
इनमें भोपाल की 76, रायसेन 49, विदिशा 97, होशंगाबाद 262, बैतूल 53, हरदा 67, शाजापुर 27, उज्जैन 131, धार 27, देवास 49, झाबुआ 231, अशोकनगर एक, भिण्ड 12, सागर 8, छतरपुर 5, गुना 22, ग्वालियर 119, श्योपुर 13, मुरैना 13, डिण्डोरी 25, छिन्दवाड़ा 17 और सिवनी जिले की 4 रेट्रोफिटिंग योजनायें शामिल हैं। जल जीवन मिशन में अनूपपुर और छिन्दवाड़ा की क्रमश: दमेहड़ी एवं मोहनखेड़ समूह जल-प्रदाय योजनाओं में अंत: ग्राम (रेट्रोफिटिंग) की 79 योजनाओं की भी स्वीकृति जारी की गई है।MP जल निगम मर्यादित द्वारा क्रियान्वित 9 जिलों बालाघाट, नीमच, उज्जैन, बड़वानी, देवास, मुरैना, दतिया, निवाड़ी और खरगौन की 12 समूह नल जल योजनाओं (रेट्रोफिटिंग) के लिए 25 करोड़ 84 लाख 75 हजार रूपये की स्वीकृति जारी की गई है।
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बता दे कि मध्य प्रदेश ने राष्ट्रीय जल जीवन मिशन में जल-प्रदाय योजनाओं का कार्य जून 2020 में प्रारम्भ किया था। केन्द्र और राज्य के समान अंश से संचालित मिशन की गतिविधियों में 15 जिले ऐसे हैं, जिन्होंने अपने लक्ष्य के विरूद्ध 45 प्रतिशत से अधिक प्रगति अर्जित कर ली है। मिशन संचालन के करीब 19 माहों (जनवरी अंत तक) में प्रदेश के 12 जिलों ने सैकड़ा की संख्या में अपने ग्रामों के शत-प्रतिशत परिवारों को नल कनेक्शन के जरिए जल पहुँचाने की व्यवस्था की है। सभी ग्रामीण परिवारों को उनके घर में ही नल कनेक्शन से जल उपलब्ध करवाने के लिए कुल एक करोड़ 22 लाख क्रियाशील घरेलू नल कनेक्शन दिए जाने का लक्ष्य है।
राष्ट्रीय जल जीवन मिशन की गाइड-लाइन के अनुसार मिशन के कार्य 2024 तक पूर्ण किए जाना हैं। जल जीवन मिशन में अब तक 46 लाख 24 हजार से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन से जल उपलब्ध करवाकर प्रदेश ने भी मिशन में निर्धारित अपने लक्ष्य में 37.71 प्रतिशत उपलब्धि हासिल कर ली है। जनवरी माह तक जल-प्रदाय योजना को पूरा कर ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन मुहैय्या करवाने में क्रमश: इन्दौर, राजगढ, बालाघाट, मण्डला और निवाड़ी जिले अग्रणी रहे हैं।
*जल जीवन मिशन में करीब 1051 करोड़ की जल-प्रदाय योजनाएँ मंजूर।
*इंदौर संभाग के धार, झाबुआ, खरगोन और बड़वानी सहित 32 जिलों की ग्रामीण आबादी होगी लाभान्वित।
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

