मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 2 मई को करेंगे इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर के प्रथम चरण का भूमि-पूजन

मध्य प्रदेश में औद्योगिक प्रगति को नई गति देने और निवेश के लिए दीर्घकालिक आधार तैयार करने की दिशा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 2 मई को इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर के प्रथम चरण का भूमि-पूजन करेंगे। यह कॉरिडोर आर्थिक संरचना को अधिक संगठित, सक्षम और निवेश का आदर्श गंतव्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
Dr. Mohan Yadav Chief Minister

मध्य प्रदेश की औद्योगिक विकास गाथा में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है। 2 मई 2026 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर के प्रथम चरण का भूमि-पूजन करेंगे। यह कॉरिडोर केवल एक सड़क परियोजना नहीं बल्कि प्रदेश में उद्योगों की स्थापना को नई रफ्तार देगा। इससे औद्योगिक और वाणिज्यिक विस्तार के नए द्वार खुलेंगे। स्थानीय स्तर पर रोजगार के हजारों अवसर पैदा कर मालवा अंचल की आर्थिक प्रगति को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। बता दें कि फरवरी 2026 में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) ने 2360 करोड़ रुपये के इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर को मंजूरी दी थी।

इंदौर-पीथमपुर इकॉनामिक कॉरिडोर के बारें में

  • इंदौर-पीथमपुर इकॉनामिक कॉरिडोर 20.28 कि.मी. लंबाई में फैलाव के साथ
  • परियोजना का विस्तार 1316 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रस्तावित है, जिसके समुचित विकास के लिए कुल 2360 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
  • अधोसंरचना की दृष्टि से 75 मीटर चौड़ी मुख्य सड़क के साथ दोनों ओर बफर ज़ोन विकसित किया जाएगा।
  • कॉरिडोर के दोनों ओर 3 से 5 किलोमीटर के दायरे में एक विशाल औद्योगिक जोन विकसित किया जाएगा। कुल 1290.74 हेक्टेयर (लगभग 3200 एकड़) भूमि का विकास प्रस्तावित है।
  • यह 21 किलोमीटर लंबा और 8 लेन चौड़ा कॉरिडोर इंदौर से शुरू होकर सीधे पीथमपुर के एबी रोड से जुड़ेगा।
  • यह मार्ग एनएच-47 और एनएच-52 को जोड़ते हुए इंदौर शहर के यातायात दबाव को कम करेगा।
  • इस परियोजना से इंदौर और धार जिले के कई गांवों के किसानों को लाभ मिलेगा।

इससे क्या लाभ होगा

  •  इंदौर एयरपोर्ट के समीप सुपर कॉरिडोर को पीथमपुर निवेश क्षेत्र से सीधे जोड़ेगा।
  • यह औद्योगिक इकाइयों के लिए लागत में कमी, समय की बचत और सप्लाई चेन की दक्षता में सुधार होगा, जो निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा।
  • पीथमपुर निवेश क्षेत्र, मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क, पीएम मित्र पार्क और विक्रम उद्योगपुरी जैसे प्रमुख औद्योगिक स्थानों को एकीकृत रूप में जोड़ते हुए औद्योगिक नेटवर्क तैयार करेगा।
  • बड़े निवेश प्रस्तावों को गति मिलेगी और प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार अधिक सुव्यवस्थित ढंग से हो सकेगा।
  • सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के लिए भी बड़े उद्योगों के साथ जुड़कर आगे बढ़ने के अवसर विकसित होंगे।
  • यह कॉरिडोर इन्दौर को आईटी और फिनटेक गतिविधियों के लिए एक सशक्त स्थान के रूप में स्थापित करने की दिशा में सहायक सिद्ध होगा।
  • मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, एमएसएमई और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में भी विकास की गति तेज होने की संभावनाएं हैं।
  • प्रदेश की भौगोलिक स्थिति और इन्दौर की स्थापित औद्योगिक पहचान को ध्यान में रखते हुए यह परियोजना विभिन्न सेक्टरों के लिए अनुकूल परिस्थितियां तैयार करती है।
  • लॉजिस्टिक्स लागत में कमी, तेज कनेक्टिविटी और नियोजित अधोसंरचना उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को बढ़ाएगी, जिससे प्रदेश राष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत औद्योगिक केंद्र के रूप में उभर सकेगा।
  • इन्दौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर, उज्जैन-इन्दौर मेट्रोपॉलिटन रीजन में एक महत्वपूर्ण विकास धुरी के रूप में कार्य करेगा।
  • भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए यह कॉरिडोर बहुविकल्पीय कनेक्टिविटी, ट्रैफिक प्रबंधन और बड़े आयोजनों के दौरान सुचारू आवागमन सुनिश्चित करने में भी सहायक होगा।
Pooja Khodani
लेखक के बारे में
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

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