मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विधानसभा परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि ये साल “किसान कल्याण वर्ष” के रूप में मनाने की घोषणा की गई है। उन्होंने बताया कि किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं और तिलहन फसलों को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाएं लागू की जा रही हैं।
इसी के साथ कांग्रेस द्वारा भारत-अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील के ख़िलाफ की जा रही ‘किसान महा चौपाल’ पर उन्होंने निशाना साधा। सीएम ने राहुल गांधी के भोपाल आने पर कहा कि “उनका मध्यप्रदेश में स्वागत है। किसान चौपाल लगाई जा रही है, यह अच्छी बात है। लेकिन राहुल को रबी और खरीफ फसल क्या होती है, यह भी जान लेना चाहिए।”
मुख्यमंत्री ने किसानों के लिए की गई घोषणाओं की जानकारी दी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विधानसभा परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान किसानों के लिए की गई महत्वपूर्ण घोषणाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने सोयाबीन के बाद अब सरसों को भी भावांतर योजना में शामिल करने का निर्णय लिया है, जिसके तहत सरसों की खरीद की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार सोयाबीन उत्पादक किसानों को भावांतर योजना का लाभ दिया गया, उसी तरह अब सरसों उत्पादक किसानों को भी इस योजना का फायदा मिलेगा।
सीएम ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार ने चना, मसूर और तुअर की फसलों को प्राइस सपोर्ट स्कीम के तहत उपार्जन करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा है। उन्होंने कहा कि तिलहन फसलों को प्रोत्साहन देने के लिए राज्य सरकार लगातार काम कर रही है और भावांतर योजना को तिलहन फसलों में लागू करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है। इससे सवा करोड़ से अधिक किसानों को लाभ मिलने का अनुमान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की बेहतरी के लिए पांच योजनाओं को निरंतरता दी गई है और अगले पांच वर्षों के लिए 10,520 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करना है।
राहुल गांधी पर निशाना
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के मध्यप्रदेश दौरे को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका राज्य में स्वागत है और किसान चौपाल लगाना अच्छी बात है। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि महाचौपाल लगाने से पहले राहुल गांधी को रबी और खरीफ की फसलों की जानकारी भी लेनी चाहिए और मध्यप्रदेश के दूध उत्पादन की उपलब्धियों पर भी बात करनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार वर्ष के 365 दिन किसानों के लिए काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर किसानों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाते हुए कहा कि 1956 में मध्यप्रदेश के गठन के बाद कांग्रेस सरकारों ने राज्य के विकास पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि एमपी में साल 2003 तक सिंचाई का रकबा लगभग साढ़े सात लाख हेक्टेयर ही रहा, जबकि वर्तमान सरकार ने बहुत कम समय में उससे अधिक विस्तार किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए राहुल गांधी को मध्यप्रदेश की जनता से माफी मांगनी चाहिए। इसी के साथ उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपने कार्यकर्ताओं को अनुशासन में रखना चाहिए और हाल के विरोध प्रदर्शनों में अभद्र तरीके अपनाने वालों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।






