हेमंत खंडेलवाल ने मतदाताओं का आभार जताया, कहा- हार की समीक्षा करेंगे, किसी ने अनुशासन तोड़ा होगा तो कार्रवाई होगी

दतिया उप चुनाव में भाजपा की हार के बाद पार्टी इसकी समीक्षा अवश्य करेगी और उन आरोपों का पता लगाने का प्रयास करेगी जो इस समय चर्चा में है, हालाँकि मूल भाजपा कार्यकर्ता अनुशासित ही माना जाता फिर भी हार क्यों हुई ये बड़ा सवाल है।
Hemant Khandelwal

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मध्य प्रदेश की दतिया सीट पर हुए उप चुनाव में कांग्रेस ने भाजपा को शिकस्त देते हुए अपनी सीट बरक़रार रखी है,  कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को 6029 वोटों से हरा दिया, इस जीत से कांग्रेस को जहाँ बूस्ट मिला है वहीं भाजपा में लग रहे भितरघात के आरोपों को भी बल मिला है, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल में ऐसे लोगों पर कार्रवाई के संकेत दिए है।

दतिया सीट पर हुआ उप चुनाव कितना महत्वपूर्ण था कि इसमें भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियाँ पूरी ताकत से लगी रहीं, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से लेकर सरकार के कई मंत्री और केंद्रीय मंत्री तक यहाँ आशुतोष तिवारी के समर्थन में प्रचार करने आये पहले हुए विकास का हवाला दिया और आगे और विकास के वादे किये लेकिन दतिया की जनता को वे भरोसे में नहीं ले पाए।

कांग्रेस ने दतिया सीट पर दर्ज की जीत  

उधर कांग्रेस ने भी पूरी ताकत लगाई, प्रदेश नेतृत्व ने पैनी नजर रखी, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार से लेकर कई पूर्व मंत्री, विधायक दतिया में जमे रहे और पार्टी प्रत्याशी घनश्याम सिंह को जिताने के लिए हर संभव प्रयास किये कांग्रेस ने सरकार की खामियों को जनता तक पहुंचाया और वे इसमें सफल भी हो गए और अपनी सीट को बरक़रार रख पाए।

डॉ नरोत्तम मिश्रा रहे हैं दतिया के विधायक 

दतिया की सीट से पूर्व मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा लंबे समय तक विधायक रहे, इस बार उप चुनाव में उन्हें पार्टी ने टिकट नहीं दिया तो नरोत्तम समर्थक नाराज हो गए, चक्का जाम तक किया हालाँकि समझाइश के बाद सबने काम किया , डॉ नरोत्तम मिश्रा ने भी आशुतोष तिवारी के लिए जी तोड़ मेहनत की लेकिन दतिया की जनता ने इस बार अपने पूर्व विधायक की भी बात नहीं सुनी, उल्लेखनीय है डॉ नरोत्तम मिश्रा के विधायक रहते दतिया की तस्वीर बहुत बदली है खैर अब जब भाजपा सीट हार गई तो एक बार फिर भितरघात जैसी चर्चाएँ शुरू हो गई है।

हम जनादेश को स्वीकार करते हैं: खंडेलवाल   

इस बीच भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा दतिया चुनाव में जनता ने जो जनादेश दिया हम विनम्रता के साथ स्वीकार करते हैं, हम परिणामों की समीक्षा करेंगे और आगामी रणनीति तय करेंगे, एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा भारतीय जनता पार्टी के लिए अनुशासन सर्वोपरि है ,कोई भी कार्यकर्ता किसी भी पद पर हो उसको अनुशासन में रहकर ही काम करना चाहिए यदि कोई अनुशासन तोड़ने का दोषी होगा उस पर निश्चित तौर पर कार्रवाई की जाएगी।

Atul Saxena
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Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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