दीपों से जगमगाया हर घर, मुख्यमंत्री ने परिवार संग जलाये दीये

दीपों से जगमगाया हर घर, मुख्यमंत्री ने परिवार संग जलाये दीये

भोपाल| रविवार को घडी में रात 9 बजते ही लोगों ने अपने घरों में दीये, मोबाइल, टोर्च और मोबत्ती जलाकर एकजुटता का संदेश दिया| सम्पूर्ण देश ने प्रधानमंत्री के आह्वान पर दीये जलाये| नजारा दीवाली सा था| इस दौरान भोपाल में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी अपने परिवार के साथ दीये जलाये|

हर घर में रोशनी और हर आंगन में प्रकाश, कोरोना संकट के खिलाफ जंग में देश एक है, इस बात का सन्देश सभी देशवासियों ने दिया| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अनुरोध पर देश ने यह विशेष आयोजन किया। इस दौरान कई जगह आतिशबाजी भी हुई और लोगों ने सोशल मीडिया पर फोटो भी खूब शेयर किए| हालाँकि पीएम ने सिर्फ दीये जलने का आह्वान किया था|

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नाम संबोधन में सभी से अपील की थी कि वे 5 अप्रैल, की रात 9 बजे घर की सारी लाइटें बंद कर दें और दीये जलाएं।कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद देशभर में लोगों ने दीये और मोमबत्ती जलाकर एकजुटता का सन्देश दिया|

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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