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कांग्रेस के बैनर तले पूर्व सैन्य अधिकारी, जगदीश देवड़ा व विजय शाह को बर्खास्त करने की मांग, कहा- सेना और सैनिकों का अपमान बर्दाश्त नहीं

Written by:Atul Saxena
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मंत्री विजय शाह को बर्खास्त करने की मांग के साथ शुक्रवार को कांग्रेस ने काले कपड़े पहनकर राजभवन के बाहर प्रदर्शन किया धरना दिया जिस पर पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया, इस पहले नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल मंगूभाई पटेल से मुलाकात की और उन्हें ज्ञापन सौंपा।
कांग्रेस के बैनर तले पूर्व सैन्य अधिकारी, जगदीश देवड़ा व विजय शाह को बर्खास्त करने की मांग, कहा- सेना और सैनिकों का अपमान बर्दाश्त नहीं

मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री विजय शाह के बाद उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने सेना के लिए जो कहा उसने सियासी पारा तो चढ़ा ही दिया है अब पूर्व सैन्य अफसर भी नाराज हो गए हैं और उन्होंने भी मोर्चा खोल दिया है, कांग्रेस के बैनर के नीचे आज कई सैन्य अधिकारी इकट्ठा हुए और उन्होंने नेताओं के बयानों पर नाराजगी जताई और सरकार से उनकी बर्खास्तगी की मांग की, पूर्व सैन्य अधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो वे जनता के साथ सड़क पर उतरेंगे।

कैबिनेट मंत्री विजय शाह द्वारा कर्नल सोफिया कुर्रेशी को आतंकवादियों की बहन कहकर संबोधित करना उनके लिए मुसीबत बनता जा रहा है, हाई कोर्ट के आदेश के बाद एफआईआर जरुर हो गई लेकिन अब तक पार्टी की तरफ से कोई एक्शन नहीं किये जाने से सरकार और पार्टी सवालों के घेरे में है, विजय शाह का मामला अभी गरमा रहा था कि उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने सेना के बारे में ऐसा कुछ कह दिया जिसने बवाल खड़ा कर दिया, देवड़ा ने कहा पूरा देश, देश की सेना, सैनिक मोदी जी के सामने नतमस्तक है।

इन बयानों ने पूरे देश में आक्रोश पैदा कर दिया, कांग्रेस ने इसे मुद्दा बना लिया और मंत्रियों की बर्खास्तगी की मांग शुरू कर दी है, हालाँकि विजय शाह दो बार माफ़ी मांग चुके हैं वहीं जगदीश देवड़ा ने भी कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है, उन्होंने कहा मैंने कहा था पूरा देश, देश की जनता सेना और सैनिकों के आगे नतमस्तक है।

कांग्रेस के बैनर के नीचे इकट्ठा हुए पूर्व सैन्य अधिकारी  

उधर कांग्रेस की मांग को मजबूती देने के लिए अब पूर्व सैन्य अधिकारी भी खड़े हो गए हैं आज रिटायर्ड सैन्य अधिकारी मेजर जनरल श्याम श्रीवास्तव , विंग कमांडर अरुण पाण्डेय, कैप्टन सोढ़ी, सूबेदार मेजर बाईडी सिंघा, सूबेदार मेजर बीके शर्मा, नायब सूबेदार होम सिंह, हवलदार राजेश चौधरी संयुक्त रूप से कांग्रेस के बैनर के नीचे इकट्ठा हुए और मीडिया से बात की।

सेना का सिर्फ एक धर्म वो है राष्ट्र धर्म

मेजर जनरल (रिटायर्ड) श्याम श्रीवास्तव ने कहा  सेना का सिर्फ एक धर्म होता है वो है राष्ट्र धर्म, धर्मनिरपेक्षता का एक उदाहरण ही सेना है, सेना में अपनी जान की बाजी लगाने वाले सभी धर्म के लोग हैं इसलिए इन्हें जातियों, धर्मों में बांटने की कोशिश अक्षम्य है, मंत्री विजय शाह ने पूरी सेना का अपमान किया और सरकार ने अब तक एक्शन नहीं लिया।

सेना का एक एक सैनिक सिर्फ भारत के लिए नतमस्तक, किसी और के लिए नहीं 

उन्होंने कहा जब देश के दुश्मनों को मुंह तोड़ जवाब देने की कार्यवाही सरकार कर सकती है तो देश की मान सेना का अपमान करने वालों पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही, डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने भी सेना का अपमान किया, सेना का एक एक सैनिक सिर्फ भारत के लिए नतमस्तक होता है ।

सीजफायर के फैसले पर सवाल 

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सीजफायर किये जाने पर भी मेजर जनरल (रिटायर्ड) श्याम श्रीवास्तव ने सवाल उठाये, उन्होंने कहा कि जब सबकुछ अच्छा चल रहा था हम उनके एक एक ड्रोन, एक एक मिसाइल हवा में ही मार गिरा रहे थे तब सीजफायर का निर्णय चौंकाने वाला है , उन्होंने कहा जैसे 1971 में पाकिस्तान का नक्शा बदला था, दो टुकड़े किये थे इस बार क्यों नहीं किया, ये भी एक सवाल है ।

बर्खास्तगी से कम स्वीकार नहीं, आंदोलन की चेतावनी 

मेजर जनरल (रिटायर्ड) श्याम श्रीवास्तव ने काह हमारी मांग है सेना और सैनिकों क आपमान करने वाले मंत्रियों को तत्काल मंत्रिमंडल से निकाल देना चाहिए, यदि ऐसा नहीं किया तो पूरे प्रदेश में भूत पूर्व सैनिक सड़कों पर उतरेंगे और उनके साथ जनता भी होगी, सेना और सैनिकों का अपमान बिलकुल बर्दाश्त नहीं होगा,  उन्होंने कहा जब हम भूतपूर्व सैनिकों को ऐसे बयानों ने घायल किया है तो उन सैनिकों का क्या मनोबल होगा जो प्रोटोकॉल के चलते बोल भी नहीं सकते ।

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Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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