मध्य प्रदेश के आंगनवाड़ी केंद्रों के बच्चों के लिए सरकार ने एक नई पहल की है, अब से प्रदेश के ऐसे बच्चों के लिए “विद्यारंभ समारोह” आयोजित किया जायेगा और बच्चों को “विद्यारंभ प्रमाण-पत्र” प्रदान किया जायेगा, इसी क्रम में प्रदेश की पहली राज्य स्तरीय “ग्रेजुएशन सेरेमनी” का आयोजन कल मंगलवार 24 मार्च को होगा जिसमें बच्चों को प्रमाणपत्र दिए जायेंगे।
ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को कुपोषण से दूर करने और उनके स्वास्थ्य की उचित देखभाल के उद्देश्य से भारत सरकार ने 1975 में देश में इस योजना की शुरुआत की थी, आज देश में लाखों आंगनवाड़ी केंद्र हैं जहाँ नौनिहालों को इसका लाभ मिल रहा है, समय समय पर योजना में कई बदलाव हुए, यहाँ बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा भी दी जाने लगी अब इसमें एक और नवाचार किया जा रहा है।
केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के निर्देशों के आधार पर अब आंगनवाड़ी केंद्र में आने वाले 5-6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को विद्यारंभ प्रमाण पत्र दिया जायेगा, ये प्रमाणपत्र उनके शैक्षणिक जीवन की औपचारिक शुरुआत को मान्यता प्रदान करेगा
मध्य प्रदेश में मंगलवार 24 मार्च से इस नवाचार की शुरुआत हो रही है, बाल चौपाल (ECCE Day) के अवसर पर प्रदेश के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में एक साथ समारोहपूर्वक प्रमाण-पत्र वितरण किया जाएगा, जिससे शाला पूर्व शिक्षा को सामाजिक और संस्थागत मान्यता मिल सके।
भोपाल में होगी राज्य स्तरीय “ग्रेजुएशन सेरेमनी”
विशेष राज्य स्तरीय “ग्रेजुएशन सेरेमनी” का आयोजन भोपाल में किया जा रहा है। महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया कार्यक्रम में मौजूद रहेंगी और बच्चों को प्रमाण-पत्र वितरित कर उनके उज्ज्वल शैक्षणिक भविष्य की शुभकामनाएँ देंगी। कार्यक्रम भोपाल जिले की बाणगंगा परियोजना के अंतर्गत आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक 1061 और 859 में आयोजित होगा, जहां 35 बच्चों को विद्यारंभ प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।
बच्चों और समाज को होगा लाभ
विद्यारंभ प्रमाण-पत्र पहल से बच्चों की शैक्षणिक यात्रा में निरंतरता सुनिश्चित होगी साथ ही समाज में आंगनवाड़ी केंद्रों के प्रति विश्वास और सहभागिता भी बढ़ेगी। राज्य सरकार का मानना है कि ऐसा करने से इससे बच्चों का स्कूल से जुड़ाव मजबूत होगा और भविष्य में ड्रॉपआउट दर कम करने में भी मदद मिलेगी।






