भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज में पढने वाली MBBS प्रथम वर्ष की छात्रा रोशनी कलेश की संदिग्ध मौत पर सवाल उठने लगे हैं, प्राइवेट हॉस्टल में रहकर पढ़ने वाली रोशनी का शव बीते मंगलवार को उसके रूम के बाथरूम से मिला था, पास में ही एक एसिड की खाली बोतल भी मिली है, इस घटना के बाद से आदिवासी समाज में भारी गुस्सा है और मौत पर सवाल खड़े कर रही है, उधर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच की मांग की है और दोषियों को सजा दिलाने की मांग की है।
छात्रा रोशनी कलेश की संदिग्ध मौत कई सवाल खड़े कर रही है, लोग पूछ रहे हैं कि क्या हमारी बेटियां उच्च शिक्षण संस्थानों में सुरक्षित हैं? छात्रा की मौत के बाद आदिवासी समाज में गुस्सा है, आदिवासी विकास परिषद् ने इसे लेकर शुक्रवार को प्रदर्शन किया और धरना दिया, मामले की जाँच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
आदिवासी विकास परिषद् ने खोला मोर्चा
आदिवासी विकास परिषद् ने कहा किसी भी परिस्थिति में सच्चाई को दबने नहीं दिया जाएगा। जब तक दोषियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई नहीं की जाती और पीड़ित परिवार को न्याय सुनिश्चित नहीं होता, तब तक परिषद उनके साथ दृढ़ता से खड़ी रहेगी।
सिर्फ छात्रा की मृत्यु नहीं, हमारे विश्वास पर गहरा आघात: सिंघार
उधर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है, उन्होंने आदिवासी विकास परिषद् के प्रदर्शन को X पर ट्वीट करते हुए लिखा- गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल में MBBS प्रथम वर्ष की छात्रा रोशनी कलेश की संदिग्ध मृत्यु अत्यंत दुखद, पीड़ादायक और पूरे आदिवासी समाज को झकझोर देने वाली घटना है। हॉस्टल के बाथरूम में शव मिलना और पास में एसिड की खाली बोतल का पाया जाना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। यह सिर्फ एक छात्रा की मृत्यु नहीं, बल्कि हमारी बेटी, हमारे सपनों और हमारे विश्वास पर गहरा आघात है। उच्च शिक्षा संस्थानों में यदि हमारी बेटियाँ सुरक्षित नहीं हैं, तो यह अत्यंत चिंताजनक स्थिति है।
उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग
सिंघार ने लिखा- यह मामला केवल एक घटना नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की बेटियों की गरिमा, सुरक्षा और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर प्रश्न है। मैं मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से स्पष्ट शब्दों में मांग करता हूँ कॉलेज प्रशासन, हॉस्टल प्रबंधन एवं सभी संबंधित पहलुओं की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए एवं दोषियों को शीघ्र कठोर दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएं ।





