गुवाहाटी: केंद्रीय बजट 2024 पेश होने के कुछ दिनों बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी पहली पूर्वोत्तर यात्रा के दौरान असम के गुवाहाटी में एक विशाल रैली को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने पूर्वोत्तर क्षेत्र को ‘अष्ठलक्ष्मी’ बताते हुए कहा कि उनकी सरकार इस क्षेत्र की भक्तिभाव से सेवा कर रही है, जिसकी कांग्रेस ने हमेशा उपेक्षा की।
पीएम मोदी ने कहा कि इस वर्ष का बजट, अष्टलक्ष्मी के लिए BJP-NDA के विजन को और मजबूती देने वाला है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पूर्वोत्तर का सामर्थ्य ही विकसित भारत का एक बहुत बड़ा आधार बनेगा।
कार्यकर्ताओं को बताया पार्टी की रीढ़
प्रधानमंत्री ने बड़ी जनसभाओं से अलग, बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से मिलने को अपना सौभाग्य बताया। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सफलता का पूरा श्रेय पार्टी के कार्यकर्ताओं को दिया।
“आज BJP जहां पहुंची है, उसका श्रेय अगर किसी को मिलता है, तो वो सिर्फ और सिर्फ BJP के कार्यकर्ताओं को जाता है। हम राष्ट्रजीवन में परिवर्तन का आधार संगठन की शक्ति मानते हैं।”- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
उन्होंने कहा कि जमीन से जुड़े कार्यकर्ताओं से मिलना उनके लिए एक विशेष अनुभव है, क्योंकि संगठन की शक्ति में ही उनका अटूट विश्वास है।
पद्म पुरस्कारों से पूर्वोत्तर का सम्मान
पीएम मोदी ने असम के वरिष्ठ नेता कबीन्द्र पुरकायस्थ को पद्म पुरस्कार दिए जाने का उल्लेख भी किया। उन्होंने कहा कि पुरकायस्थ ने अपना पूरा जीवन असम और समाज की सेवा के लिए समर्पित कर दिया।
प्रधानमंत्री ने बताया कि 2014 के बाद से पूर्वोत्तर के 125 से अधिक महान व्यक्तित्वों को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने कहा, ‘यह दिखाता है कि असम और नॉर्थ-ईस्ट की धरती का सामर्थ्य कितना बड़ा है।’ पीएम ने मां कामाख्या का आशीर्वाद लेते हुए कहा कि उनकी कृपा से असम ने राष्ट्र रक्षा और संस्कृति को आगे बढ़ाने वाली कई महान संतानें दी हैं।





