महाराष्ट्र के मालेगांव में टीपू सुल्तान की तस्वीर को लेकर छिड़ा सियासी घमासान शांत होने के बजाय और गहरा गया है। कुछ दिनों पहले उपमहापौर शाने ए हिन्द के कार्यालय में लगी तस्वीर पर हिंदुत्ववादी संगठनों के विरोध के बाद प्रशासन ने उसे हटवा दिया था। अब एक नया वीडियो सामने आया है, जिसमें समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता मालेगांव की मेयर नसरीन शेख को टीपू सुल्तान की तस्वीर भेंट करते दिख रहे हैं।
यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद शिवसेना समेत अन्य हिंदुत्ववादी संगठनों ने फिर से अपनी नाराजगी जाहिर की है। इस घटनाक्रम ने शहर की राजनीति को एक बार फिर गरमा दिया है और प्रशासन के लिए शांति व्यवस्था बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन गया है।
कैसे शुरू हुआ था यह विवाद?
विवाद की शुरुआत तब हुई जब मालेगांव महापालिका में समाजवादी पार्टी की नगरसेवक और उपमहापौर शाने ए हिन्द ने अपने दफ्तर में टीपू सुल्तान की एक तस्वीर लगाई। इस पर शिवसेना और कुछ अन्य पार्षदों ने आपत्ति जताते हुए इसे हटाने की मांग की। विरोध बढ़ता देख और शहर में संभावित टकराव को टालने के लिए नगर प्रशासन ने हस्तक्षेप किया। नगर सचिव के आदेश पर कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए तस्वीर को उपमहापौर के दफ्तर से हटा दिया गया था।
वायरल वीडियो ने फिर बढ़ाई टेंशन
प्रशासन की कार्रवाई के बाद ऐसा लग रहा था कि मामला शांत हो जाएगा। लेकिन इसी बीच, पार्टी कार्यकर्ताओं ने महापौर नसरीन शेख से मुलाकात की और उन्हें सम्मान के तौर पर टीपू सुल्तान की वही तस्वीर भेंट कर दी। इस पूरे वाकये का किसी ने वीडियो बना लिया और उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। वीडियो के वायरल होते ही, विरोधी खेमे ने इसे जानबूझकर उकसाने वाली कार्रवाई बताया है।
हिंदुत्ववादी संगठनों का कहना है कि एक तरफ प्रशासन शांति के लिए तस्वीर हटाता है और दूसरी तरफ सत्ताधारी दल के लोग ही महापौर को तस्वीर भेंट कर माहौल खराब कर रहे हैं। इस घटना ने विवाद को और हवा दे दी है।
प्रशासन की शांति बनाए रखने की अपील
इस पूरे घटनाक्रम के बाद शहर में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। अलग-अलग दल और संगठन इस पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। फिलहाल, नगर प्रशासन ने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है। हालांकि, सोशल मीडिया पर यह मुद्दा एक बड़ी बहस का विषय बन चुका है। अब देखना यह होगा कि मेयर और डिप्टी मेयर इस संवेदनशील मामले को कैसे संभालते हैं ताकि शहर में सौहार्द बना रहे।





