आरक्षक की गांधीगिरी, हाथ में माला लेकर अनशन पर बैठा, अधिकारियों में हड़कंप

आरक्षक की गांधीगिरी, हाथ में माला लेकर अनशन पर बैठा, अधिकारियों में हड़कंप

भोपाल।

मध्य प्रदेश की राजधानी में सोमवार को खाकी वर्दी की गांधीगिरी सामने आई। जिसके बाद से पुलिस हेड क्वार्टर सहित गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा तक इस बात की चर्चा पहुंच गई है। खाकी वर्दी वाला ये आरक्षक भोपाल के जहांगीराबाद स्थित पुलिस मुख्यालय के सामने ध्यान लगाकर धरने पर बैठ गया। आरक्षक की मांग है कि इसका तबादला इस के गृह जिले में किया जाए। जब तक ऐसा नहीं होता तब तक वो अन्न जल त्यागकर धरने पर बैठा रहेगा।

दरअसल आरक्षक मधुसुधन राठौड़ का कहना है कि उसने अपने तबादले के लिए आवेदन झाबुआ पुलिस अधीक्षक को सौंपा था। जहां उसने अपना तबादला अपने गृह जिले रतलाम करने की अपील की थी। इसके बावजूद उसका तबादला धार कर दिया गया है। आरक्षक मधुसुधन राठौड़ का कहना है कि वह कई गंभीर बीमारियों से ग्रसित है। जिसकी वजह से उसने अपना तबादला रतलाम करने की बात कही थी।वही आरक्षक राठौड़ का कहना है कि जब तक अब उसका तबादला रतलाम नहीं होगा तब तक वह मुख्यालय के बाहर धरने पर अन्न जल त्यागकर बैठा रहेगा।

इसी बीच आरक्षक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें आरक्षक कह रहा है कि मध्य प्रदेश के पुलिस कर्मियों को बहुत सी समस्याएं हैं। पुलिस वाले परेशान हैं और जिन्हें पुलिस वालों की परेशानी का संज्ञान लेना चाहिए वह उन पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। आरक्षक मधुसूदन राठौड़ का कहना है कि ना हीं पुलिस वाले धरना दे सकते और ना ही प्रदर्शन कर सकते हैं। मैं अध्यात्म के रास्ते पर चलकर अपनी बात सिर्फ सामने रख रहा हूं। मैं किसी के खिलाफ नहीं हूं। मैं बस चाहता हूं कि जिम्मेदार इसके लिए संज्ञान ले। जब तक ऐसा नहीं होता तब तक मैं अन्न और जल ग्रहण नहीं करूंगा।

हालाकि तेजी से वायरल हो रही खबर के बाद जहाँगीराबाद थाने का स्टॉफ मौके पर पहुंचकर अनशन पर बैठे आरक्षक को उठा कर थाने ले गए। इधर भोपाल पुलिस मुख्यालय पर आरक्षक मधुसूदन राठौर ने मांगो को लेकर मोर्चा खोल दिया है।वहीँ जहांगीराबाद पुलिस किसी भी मीडियाकर्मी से मधुसुधन राठौर को मिलने नहीं दे रही है।

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