
भोपाल डेस्क रिपोर्ट। भोपाल के हबीबगंज स्टेशन का नाम बदलने की कवायद तेज हो गई है। मध्य प्रदेश सरकार के परिवहन विभाग ने हबीबगंज स्टेशन का नाम रानी कमलापति रेलवे स्टेशन रखे जाने के लिए केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय को पत्र भेजा है।
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परिवहन विभाग की उपसचिव वंदना शर्मा के द्वारा भेजे गए पत्र में हबीबगंज स्टेशन का नाम रानी कमलापति रेलवे स्टेशन में रखे जाने का अनुरोध किया गया है। पत्र में लिखा गया है कि सोलहवीं सदी में भोपाल क्षेत्र गोंड शासकों के अधीन था और गोंड राजा सूरज सिंह शाह के पुत्र निजामशाह का रानी कमलापति से विवाह हुआ था। रानी कमलापति ने अपने पूरे जीवन काल में अत्यंत बहादुरी और वीरता के साथ आक्रमणकारियों का सामना किया था और उनकी स्मृतियों को अक्षुण्ण बनाए रखने और उनके बलिदान के प्रति कृतज्ञता के लिए राज्य सरकार ने भोपाल के हबीबगंज रेलवे स्टेशन का नाम रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के रूप में किए जाने का निर्णय लिया है। पत्र में अनुरोध किया गया है कि हबीबगंज रेलवे स्टेशन भोपाल का नामकरण रानी कमलापति रेलवे स्टेशन किए जाने के संबंध में अविलंब कार्रवाई की जाए।
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पत्र की प्रति अध्यक्ष रेलवे बोर्ड को भी भेजी गई है। केन्द्र सरकार भगवान बिरसा मुंडा की जन्म जयंती 15 नवंबर को जनजाति गौरव दिवस के रूप में मना रही है और ऐसे में रानी कमलापति के नाम पर हबीबगंज स्टेशन के नामकरण करने का निर्णय आदिवासी समाज को गौरवान्वित करने की दिशा में मध्य प्रदेश की सरकार का एक बड़ा कदम है। हालांकि बीजेपी के कुछ नेताओं ने अटल बिहारी वाजपेई के नाम पर इस स्टेशन का नाम करने की सिफारिश की थी लेकिन जनजाति समारोह को देखते हुए मध्य प्रदेश की सरकार ने गोंड समाज की महारानी कमलापति के नाम पर इस स्टेशन का नाम रखने का निर्णय लिया है।

