International Yoga Day : वंदे भारत एक्सप्रेस की अनूठी यात्रा, चलती ट्रेन में यात्रियों ने किया योग

International Yoga Day : वंदे भारत एक्सप्रेस की अनूठी यात्रा, चलती ट्रेन में यात्रियों ने किया योग

International Yoga Day 2023 : आज पूरा विश्व अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मना रहा है, भारत में भी सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किये गए। सरकारी स्तर से लेकर सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक, खेल आदि संस्थाओं ने योग कार्यक्रम आयोजित किये जिसमें लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया लेकिन वंदे भारत एक्सप्रेस के यात्रियों ने चलती ट्रेन में योगाभ्यास कर एक अनूठी यात्रा की मिसाल पेश की।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर बुधवार को एमपी की वंदे भारत एक्सप्रेस ने यात्रियों को एक अनूठी और अपनी तरह की पहली यात्रा कराई, आज सुबह 5:40 बजे सूर्य की पहली किरण के साथ रानी कमलापति (हबीबगंज) रेलवे स्टेशन से निजामुद्दीन के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस रवाना हुई, ट्रेन में यात्रा कर रहे योग गुरु कृष्णा मिश्रा ने यात्रियों को योग का महत्व समझाया और फिर योग क्रियाएं कराना शुरू कर दिया।

योग गुरु कृष्णा मिश्रा ने यात्रियों को उनकी सीट पर बैठे बैठे ही योग की क्रियाएं कराई, उन्होंने कुछ प्राणायाम कराये, शिखर आसन सहित कुछ और आसन कराये इस दौरान वंदे भारत के यात्रियों के योग के प्रति जोश उत्साह देखते ही बन रहा था। योग गुरु कृष्णा मिश्रा ने बताया कि इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम “वसुधैव कुटुंबकम” है, जिसको सिर्फ योग ही सार्थक कर सकता है। उन्होंने भोपाल से दिल्ली तक की यात्रा में यात्रियों को गोगाभ्यास कराया, फिर निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर लोगों को योग कराया और वापसी में रानी कमलापति स्टेशन भोपाल पर लोगों को योग कराया।

[dgv_vimeo_video id=”838224925″]

[dgv_vimeo_video id=”838225016″]

[dgv_vimeo_video id=”838225132″]

[dgv_vimeo_video id=”838225297″]

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
Follow Us :GoogleNews