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जेपी नड्डा से मिलेंगे जयंत मलैया, बताएंगे दमोह उपचुनाव में हार के कारण

Written by:Shruty Kushwaha
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जेपी नड्डा से मिलेंगे जयंत मलैया, बताएंगे दमोह उपचुनाव में हार के कारण

भोपाल, ब्यूरो रिपोर्ट। बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री जयंत मलैया (Jayant Malaiya) जल्द दिल्ली (Delhi) जाकर बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात करेंगे और अपना पक्ष रखेंगे। मलैया केंद्रीय नेतृत्व को दमोह उपचुनाव (Damoh by election) में हुई हार के प्रमुख कारणों के बारे में भी बताएंगे।

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दमोह विधानसभा उपचुनाव में पार्टी की हार के बाद ठिकरा जयंत मलैया और उनके परिवार पर फोड़ दिया गया है। उनके बेटे सिद्धार्थ को पार्टी ने निलंबित कर दिया है और जयंत मलैया को कारण बताओ नोटिस दिया गया है। इसके साथ ही पार्टी ने 5 मंडल अध्यक्षों को भी पार्टी से निलंबित कर दिया है। जयंत मलैया इससे बेहद आहत हैं। उनका कहना है कि पार्टी की 41 साल सेवा के बाद इस तरह से कारण बताओ नोटिस मिलना उनके लिये बेहद दर्दनाक बन गया है। उन्होंने इस बारे में पार्टी के कई नेताओं से बात की है और उन्हें यह सलाह दी गई है कि केंद्रीय नेतृत्व से जाकर दिल्ली में अपना पक्ष रखें। अब मलैया जल्द दिल्ली जाएंगे और जेपी नड्डा (JP Nadda) सहित कई आला नेताओं के सामने अपनी बात रखेंगे। मलैया का साफ तौर पर कहना है कि उनको उपचुनाव  के दौरान जो भी दायित्व सौंपा गया, उन्होंने बखूबी पूरा किया। लेकिन इतनी करारी हार का पूरा का पूरा दोष केवल उनके सिर मढ़ना न्यायोचित नहीं है। मलैया ने यह भी सवाल उठाया कि खुद राहुल लोधी (Rahul lodhi) अपने उस वार्ड से चुनाव हार गए जहां से वे निवासी हैं और इतना ही नहीं केंद्रीय मंत्री प्रहलाद लोधी तक का वार्ड पार्टी हार गई। बावजूद इसके केवल उन्हें दोषी ठहराया जा रहा है। मलैया ने यह भी कहा कि पार्टी ने उन्हें हेलीकॉप्टर देकर ग्रामीण क्षेत्रों के दौरे करने को कहा, वे वहां गए। उसके साथ ही पार्टी ने समय-समय पर जो भी निर्देश दिए उनका पालन उन्होंने किया। अब जब पार्टी का शीर्ष नेतृत्व जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं तो फिर वह भला कैसे दोषी हो सकते हैं।

जयंत मलैया पहले भी कह चुके हैं कि दरअसल पार्टी जनता का मूड नहीं बन समझ पायी और राहुल लोधी की डेढ़ साल की कार्यप्रणाली उनकी हार की प्रमुख वजह बनी। मलैया के समर्थन में पार्टी के वरिष्ठ नेता और वर्तमान में बीजेपी विधायक अजय विश्नोई (Ajai vishnoi) भी ट्वीट करके पूछ चुके हैं कि क्या दमोह चुनाव के प्रभारी और टिकिट बांटने वाले इस हार की जिम्मेदारी नहीं लेंगे? कुल मिलाकर दमोह उपचुनाव की हार को लेकर पार्टी के भीतर मचा घमासान आने वाले दिनों में कुछ और तेज होगी, इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
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