इंदौर में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। इस बार निशाने पर खाद्य विभाग के कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी और उनका साथी रहा। कलेक्ट्रेट परिसर के सामने चाय की गुमटी पर रिश्वत की रकम का लिफाफा लेने पहुंचे अधिकारी को लोकायुक्त की टीम ने रंगे हाथ दबोच लिया। मामला एक गैस एजेंसी संचालक को केस बनाने की धमकी देकर उनसे 1.50 लाख रुपये की घूस मांगने का है।
इंदौर लोकायुक्त पुलिस के इंस्पेक्टर आशुतोष मिठास ने ट्रैप की कार्रवाई के बाद मीडिया से बात करते हुए बताया कि बाणगंगा इंदौर में रहने वाले प्रमोद दुबे की ग्राम घीसलाय तहसील सोनकच्छ जिला देवास में पटेल एचपी गैस एजेंसी है वे उसके सह-संचालक है उन्होंने लोकायुक्त कार्यालय में एक शिकायत की थी कि खाद्य विभाग के कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी राहुल शर्मा और अन्य अधिकारी केस बनाने की धमकी देते हैं कहते हैं बचना है तो रिश्वत देनी होगी।
केस बनाने की धमकी देकर मांगी ढाई लाख रिश्वत
प्रमोद दुबे ने बताया फूड इंस्पेक्टर राहुल शर्मा और अंकुर गुप्ता कई बार इस तरह का दबाव बना चुके, उन्होंने इस बार ढाई लाख रुपये की मांग की, कहने लगे तुम ऊँची कीमत पर कमर्शियल सिलेंडर बेचते हो, कमर्शियल की एजेंसी है और नोन कमर्शियल बेचते हो, तुम्हारे यहाँ फायर सेफ्टी नहीं है , इस तरह की बातें कर पैसे मांग रहे थे मैंने ढाई लाख देने में असमर्थता दिखाई तो डेढ़ लाख पर तैयार हो गया।
बेटी की शादी वाले दिन लिए 1 लाख रुपये
प्रमोद दुबे ने बताया पिछले दिनों मेरी बेटी की शादी वाले दिन इन लोगों ने रिश्वत की मांग की फिर एक कंट्रोल दुकान चलाने वाले प्रशांत नामदेव को भेजकर 1 लाख रुपये ले लिए उसके बाद शेष बचे 50 हजार के लिए लगातार दबाव बना रहे हैं और कह रहे थे कि नहीं दिए तो केस बना देंगे, फिर फंस जाओगे, शिकौत मिलने के बाद इसका सत्यापन किया गया जिसमें आरोप सही मिले।
फूड इंस्पेक्टर को साथी के साथ लोकायुक्त ने पकड़ा
फूड इंस्पेक्टर सीधे रिश्वत नहीं लेते थे किसी के माध्यम से पैसे लेते थे आज भी यही हुआ, राहुल शर्मा ने रामू लोहिया नामक व्यक्ति को रिश्वत की राशि 20 हजार रुपये लेने भेजा, उसने प्रमोद दुबे से जैसे ही रिश्वत ली लोकायुक्त पुलिस ने उसे पकड़ लिया पूछताछ में उसने राहुल शर्मा का नाम बताया, फिर लोकायुक्त ने उसे भरोसे में लेकर राहुल शर्मा के पास भेजा, फूड इंस्पेक्टर राहुल शर्मा ने रामू को कलेक्ट्रेट के गेट नंबर दो के पास चाय की गुमटी पर बुलाया उसने लिफाफा देखने के बाद घर पर आकार देने के लिए कहा लेकिन पुलिस ने उसे भी पकड़ लिया।
लोकायुक्त अन्य लोगों की भूमिका की जाँच करेगी
लोकायुक्त पुलिस ने इस रिश्वतखोरी के मामले में कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी राहुल शर्मा और उसके साथी रामू लोहिया दोनों को आरोपी बनाया है वहीं शिकायतकर्ता प्रमोद दुबे द्वारा जिन अन्य लोगों के नाम लिए गए हैं उनकी भूमिका की भी जाँच की बात कही है, लोकायुक्त पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज कर जाँच में ले लिया है।






