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जीतू पटवारी ने MP सरकार को घेरा, कहा- ‘किसान कल्याण’ नहीं ‘किसान शोषण’ वर्ष मना रही बीजेपी, शिवराज सिंह चौहान पर साधा निशाना

Written by:Shruty Kushwaha
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प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि गेहूं उपार्जन में देरी से किसानों को नुकसान पहुंचा और व्यापारियों को फायदा हुआ। इसी के साथ उन्होंने प्रदेश में भ्रष्टाचार बढ़ने का आरोप लगाते हुए ट्रांसफर प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि हालात नहीं सुधरे तो आगामी चुनाव में जनता भाजपा को जवाब देगी।
जीतू पटवारी ने MP सरकार को घेरा, कहा- ‘किसान कल्याण’ नहीं ‘किसान शोषण’ वर्ष मना रही बीजेपी, शिवराज सिंह चौहान पर साधा निशाना

Jitu Patwari

जीतू पटवारी ने केंद्र और राज्य सरकार पर किसानों के मुद्दे को लेकर तीखा हमला बोला। भोपाल में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने मध्यप्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वो “किसान कल्याण वर्ष” नहीं बल्कि “किसान शोषण” वर्ष मना रही है। उन्होंने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जो खुद को “किसान पुत्र” बताते थे, वे अब सत्ता के अहंकार में किसानों की समस्याओं से दूर हो गए हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “पांव-पांव वाले भैया अब हवाई जहाज वाले भैया बन गए हैं।”

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कृषि मंत्री ने संसद में कहा है कि किसानों की आय 8 गुना बढ़ गई है लेकिन असलियत इससे एकदम उलट है। उन्होंने कहा कि वे खुद सागर और विदिशा की मंडियों में किसानों से मिलकर आए हैं। वहां 70 प्रतिशत किसान जिन्होंने भाजपा को वोट दिया था, वे। सब सरकार के दावों को गलत बता रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश का लगभग 80 प्रतिशत किसान कर्ज के बोझ तले दबा है और बड़ी संख्या में बैंक डिफॉल्टर बन चुका है, जिसके लिए भाजपा की नीतियां जिम्मेदार हैं।

जीतू पटवारी ने सरकार को किसानों के मुद्दे पर घेरा

जीतू पटवारी ने कहा कि बीजेपी पर किसानों के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने चुनाव के दौरान किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर बड़े वादे किए थे। उसने  सोयाबीन 6000, गेहूं 2700 और धान 3100 प्रति क्विंटल देने की बात कही गई थी। लेकिन वास्तविकता में किसानों को अपनी उपज कम कीमतों पर बेचनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष का कर्तव्य है कि वह सरकार को उसके वादे याद दिलाए।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि गेहूं उपार्जन में जानबूझकर देरी की गई जिससे किसानों को मजबूरी में व्यापारियों को कम दाम पर फसल बेचनी पड़ी। उन्होंने कहा कि उपार्जन शुरू होने से पहले ही लगभग 15 लाख क्विंटल गेहूं बिक गया था और इससे किसानों को नुकसान हुआ लेकिन व्यापारियों को फायदा पहुंचा। रायसेन में कृषि मेले को लेकर भी उन्होंने सरकार पर निशाना साधा। उनका कहना है कि खाद की कमी, बारदाने के संकट और अन्य समस्याओं से जूझ रहे किसानों के लिए यह मेला “घाव पर नमक छिड़कने” जैसा है।

भ्रष्टाचार का आरोप, ट्रांसफर पर उठाए सवाल

मुख्यमंत्री मोहन यादव को घेरते हुए जीतू पटवारी ने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार “कैंसर” की तरह फैल चुका है। पंचायत से लेकर मंत्रालय तक माफियाओं का असर है। हालिया तबादला सूची को उन्होंने “लेन-देन” का परिणाम बताते हुए इसकी पारदर्शिता पर सवाल उठाए। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की किवे “तबादला उद्योग” बंद कर विशेषज्ञों के साथ बैठकर किसानों और प्रदेश की समस्याओं का समाधान निकालें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने सुधारात्मक कदम नहीं उठाए, तो आगामी चुनावों में जनता बीजेपी को करारा जवाब देगी।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
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