Lok Sabha Election 2024: चुनाव परिणाम से पहले कांग्रेस का बड़ा फैसला, एग्जिट पोल डिबेट्स का हिस्सा नहीं बनेगी, BJP ने कसा तंज

भाजपा मध्य प्रदेश के मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने X पर लिखा - कांग्रेस ने एग्जिट पोल से पहले ही 'EXIT' का रास्ता चुन लिया है, लोकतंत्र की दृष्टि से ये बड़ा ही अहंकारी फैसला है। इनके 'घमंड का घड़ा' 4 जून को जनता फोड़ देगी ।
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Lok Sabha Election 2024: लोकसभा चुनाव का अंतिम चरण कल 1 जून को है, शेष बची 8 राज्यों की 57 सीटों पर कल मतदान होगा और उसके बाद शाम से एग्जिट पोल के नतीजे आने शुरू हो जायेंगे उसके बाद 4 जून को चुनाव परिणाम आएगा लेकिन इससे पहले कांग्रेस ने एक बड़ा फैसला लिया है, कांग्रेस ने तय किया है कि एग्जिट पोल डिबेट्स में पार्टी भाग नहीं लेगी। भाजपा ने कांग्रेस के इस फैसले पर तंज कसा है।

कांग्रेस का फैसला एग्जिट पोल डिबेट्स नहीं होगी शामिल 

AICC के मीडिया एवं पब्लिसिटी डिपार्टमेंट के चेयरमेन पवन खेड़ा ने X पर लिखा है कि मतदाताओं ने अपने मत दे दिया है एवं मतदान के परिणाम मशीनों में बंद हो चुके हैं। 4 जून को परिणाम सबके सामने होंगे। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की नज़रों में परिणाम घोषित होने से पहले किसी भी तरह के सार्वजनिक अनुमान लगा कर घमासान में भाग ले कर टीआरपी के खेल का कोई औचित्य नहीं है। किसी भी बहस का मक़सद दर्शकों का ज्ञानवर्धन करना होता है। कांग्रेस पार्टी 4 जून से डिबेट्स में फिर से सहर्ष भाग लेगी। इसलिए आगामी एग्जिट पोल डिबेट्स में पार्टी भाग नहीं लेगी।

भाजपा का तंज – कांग्रेस ने एग्जिट पोल से पहले ही ‘EXIT’ का रास्ता चुन लिया है

उधर कांग्रेस पार्टी के इस फैसले पर भाजपा ने तंज कसा है, भाजपा मध्य प्रदेश के मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने X पर लिखा – कांग्रेस ने एग्जिट पोल से पहले ही ‘EXIT’ का रास्ता चुन लिया है, लोकतंत्र की दृष्टि से ये बड़ा ही अहंकारी फैसला है। इनके ‘घमंड का घड़ा’ 4 जून को जनता फोड़ देगी । वैसे तो कांग्रेस के प्रवक्ता एग्जिट पोल में बैठकर बोलेंगे क्या? कोई मुद्दा कोई उनके पास है नहीं। इसके अलावा कांग्रेस और उसके नेता 2 बार ‘अपमानित’ होना नहीं चाहते। रिजल्ट के दिन EVM पर ठीकरा फोड़ सकते है, एक्जिट पोल के दिन नहीं।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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