
नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में मध्य प्रदेश रोल मॉडल बनकर उभर रहा है। प्रदेश में स्थापित की गई अनेक परियोजनाओं से सौर ऊर्जा की आपूर्ति न केवल प्रदेश में, बल्कि दिल्ली मेट्रो एवं भारतीय रेल को भी की जा रही है। प्रदेश सरकार ने ओंकारेश्वर में नर्मदा नदी पर विश्व की सबसे बढ़ी फ्लोटिंग सौर परियोजना स्थापित की है। इसी क्रम में चंबल अंचल के मुरैना में भी एक सौर परियोजना स्थापित की जा रही है, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इसी परियोजना को लेकर आज प्रदेश के लोगों को बधाई दी है और X पर लिखा – मध्य प्रदेश ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में नया इतिहास रचा…
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आज शनिवार को अपने X एकाउंट पर मध्य प्रदेश को सौर ऊर्जा के क्षेत्र में इतिहास रचने पर बधाई दी है, ये इतिहास बना है अब तक की सबसे न्यूनतम दर में, सीएम ने लिखा- मुरैना में मध्य प्रदेश के पहले सौर ऊर्जा भंडारण प्रोजेक्ट में देश के अब तक की सबसे न्यूनतम दर 2.70 रुपये प्राप्त हुई, जबकि इसके पहले देश की न्यूनतम दर 3.09 रुपये थी।
ये उपलब्धि पीएम मोदी की दूरदर्शी सोच का प्रतिफल: मोहन यादव
डॉ मोहन यादव ने आगे लिखा, सेवा पखवाड़ा के दौरान मिली यह ऐतिहासिक उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच और मार्गदर्शन का प्रतिफल है, जो ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में ठोस कदम है। इससे औद्योगिक क्षेत्र को गति और प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
मुरैना में तैयार हो रहा 600 मेगावाट का सौर ऊर्जा भंडारण संयंत्र
आपको बता दें मध्य प्रदेश सरकार और रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड (RUMSL) मुरैना में अपनी पहली भंडारण परियोजना 880 मेगावाट घंटे की दोहरी-चक्र बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS) के साथ 600 मेगावाट का सौर संयंत्र स्थापित कर रहे हैं। हाल ही में 29 अगस्त को मध्य प्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (MPPMCL) ने इसका टेंडर निकाला है।
पीएम मोदी के संकल्प की पूर्ति के लिये मध्य प्रदेश प्रतिबद्ध
ये प्रोजेक्ट मध्य प्रदेश का पहला सौर ऊर्जा भंडारण प्रोजेक्ट है जिसमें ऊर्जा भंडारण कर सुबह और शाम के व्यस्ततम समय (पीक ऑवर्स) में भी प्रदेश को हरित ऊर्जा प्रदान करेगा। इस परियोजना की ऊर्जा भंडारण क्षमता 600 मेगावॉट होगी। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2030 तक 500 गीगा वाट की नवकरणीय ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा है। उनके संकल्प की पूर्ति के लिये मध्य प्रदेश प्रतिबद्ध है और लक्ष्य प्राप्ति के लिये नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में निरंतर नवाचार भी कर रहा है।
मध्यप्रदेश ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में नया इतिहास रचा…
मुरैना में मध्यप्रदेश के पहले सौर ऊर्जा भंडारण प्रोजेक्ट में देश के अब तक की सबसे न्यूनतम दर ₹2.70 प्राप्त हुई, जबकि इसके पहले देश की न्यूनतम दर ₹3.09 थी।
सेवा पखवाड़ा के दौरान मिली यह ऐतिहासिक उपलब्धि, माननीय…
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) September 20, 2025
पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

