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मध्यप्रदेश रीजनल एआई इम्पैक्ट कांफ्रेंस-2026 का शुभारंभ, सीएम डॉ मोहन यादव बोले- जल्द बनेगी राज्य एआई नीति, स्पेसटेक नीति लॉन्च की

Written by:Atul Saxena
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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रीजनल एआई इंपैक्ट कॉन्फ्रेंस में प्रदेश की स्पेस टेक नीति लांच की। उन्होंने कहा कि नीति राज्य को भारत के उभरते अंतरिक्ष क्षेत्र में एक अग्रणी और भविष्य-उन्मुख केंद्र के रूप में स्थापित करेगी।
मध्यप्रदेश रीजनल एआई इम्पैक्ट कांफ्रेंस-2026 का शुभारंभ, सीएम डॉ मोहन यादव बोले- जल्द बनेगी राज्य एआई नीति, स्पेसटेक नीति लॉन्च की

Madhya Pradesh Regional AI Impact Conference-2026

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आज गुरुवार को भोपाल में ‘मध्यप्रदेश रीजनल एआई इम्पैक्ट कांफ्रेंस-2026’ का शुभारंभ किया, इस मौके पर उन्होंने मध्यप्रदेश स्पेस टेक नीति-2026 लांच की।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में विभिन्न समझौता ज्ञापनों (एमओयू) का आदान-प्रदान हुआ। कार्यक्रम के दौरान डॉ यादव ने एआई लिटरेसी मिशन के तहत फ्यूचर स्किल्स फॉर एआई पावर्ड भारत के लिए कौशल रथ को झंडी दिखाकर रवाना किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार एआई को नागरिक-केंद्रित, पारदर्शी और कुशल शासन की आधारशिला के रूप में स्थापित करने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है। एआई आधारित प्रशासनिक व्यवस्था और प्रबंधन, तकनीक-प्रौद्योगिकी और अकादमिक क्षेत्र में एआई आधारित नवाचार विकसित भारत@ 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में प्रभावी रूप से सहायक होंगे। प्रधानमंत्र नरेन्द्र मोदी हर क्षेत्र में भारत को आगे बढ़ाने के लिए कार्य कर रहे हैं। मध्यप्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण का अध्ययन केंद्र और शंकराचार्य जी की साधना का केंद्र भी है।

डॉ मोहन यादव ने कहा राज्य सरकार मानवीय संवेदनाओं के साथ आगे बढ़ रही है। राज्य सरकार सभी विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए एआई का उपयोग कर रही है। एआई वर्तमान समय में शासन, उद्योग और समाज के लिए एक परिवर्तनकारी शक्ति है। हमारा राज्य जल्द ही एआई नीति भी लाएगा और एआई के लिए मिशन मोड पर व्यापक रूप से कार्य किया जाएगा। प्रदेश के माइनिंग और हेल्थ सेक्टर में एआई के उपयोग की बड़ी संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा  मध्यप्रदेश अपार संभावनाओं वाला राज्य है, जिसमें आगे बढ़ने की पर्याप्त क्षमता है। विकसित भारत के लक्ष्य प्राप्ति में हमारी सरकार हर कदम पर प्रधानमंत्री श्री मोदी के विजन के अनुरूप कार्य कर रही है।

स्पेस टेक नीति – अंतरिक्ष आधारित अनुप्रयोगों को बढ़ावा देने की पहल

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रीजनल एआई इंपैक्ट कॉन्फ्रेंस में प्रदेश की स्पेस टेक नीति लांच की। उन्होंने कहा कि नीति राज्य को भारत के उभरते अंतरिक्ष क्षेत्र में एक अग्रणी और भविष्य-उन्मुख केंद्र के रूप में स्थापित करेगी। नीति के तहत स्पेस टेक स्टार्ट-अप्स, एमएसएमई और उद्योगों को वित्तीय, अवसंरचनात्मक और अनुसंधान सहयोग प्रदान कर कृषि, आपदा प्रबंधन, जल संसाधन एवं शहरी नियोजन जैसे क्षेत्रों में अंतरिक्ष-आधारित अनुप्रयोगों को बढ़ावा दिया जाएगा। यह नीति निवेश, नवाचार और राष्ट्रीय अंतरिक्ष पारिस्थितिकी तंत्र में मध्यप्रदेश की भूमिका को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

नवाचार और कौशल विकास के लिए 7 एमओयू पर हस्ताक्षर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा 6 समझौता ज्ञापन-यंगोवेटर (आंसर फाउंडेशन), सीईईडब्ल्यू (कॉउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वॉटर), गूगल, नैसकॉम, एआईएसईसीटी और भाषिणी के साथ किए गए। ये समझौते शैक्षणिक संस्थानों में नवाचार एवं रोबोटिक्स को बढ़ावा देने, जलवायु परिवर्तन व सतत विकास से जुड़े क्षेत्रों में एआई आधारित शोध एवं निर्णय सहयोग विकसित करने, शासकीय विभागों में एआई और क्लाउड तकनीक के उपयोग को प्रोत्साहित करने, राज्य में एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना एवं कौशल विकास को गति देने, राष्ट्रीय एआई मिशन से जुड़कर कंप्यूटर एवं डेटा संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, ग्रामीण एवं वंचित क्षेत्रों में डिजिटल साक्षरता और एआई जागरूकता बढ़ाने और एआई आधारित शासन को सक्षम करने के उद्देश्य से किए गए हैं। इसके अलावा इंडिया एआई और तकनीकी शिक्षा,कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के मध्य एक समझौता ज्ञापन हुआ। उच्च गुणवत्ता वाली एआई शिक्षा तक पहुंच को व्यापक बनाने के लिए इंडिया एआई मिशन देश के टियर-2 एवं टियर-3 शहरों में 570 डेटा एवं एआई लैब्स की स्थापना कर रहा है। तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग, मध्य प्रदेश सरकार के सहयोग से मध्यप्रदेश में 30 डेटा एवं एआई लैब्स स्थापित की जाएंगी।

मध्यप्रदेश इनोवेशन एक्सपो का शुभारंभ

कांफ्रेंस में मध्यप्रदेश इनोवेशन एक्सपो का शुभारंभ किया गया, जिसमें इंडिया एआई पेवेलियन, मध्यप्रदेश पेवेलियन, स्टार्ट-अप शोकेस शामिल रहे। एमपी पेवेलियन में प्रदेश सरकार की एआई आधारित नवाचार पहलें प्रदर्शित की गईं, जिनका उद्देश्य शासन को अधिक सटीक, पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनाना है। राजस्व विभाग द्वारा SAARA-DCS ऐप में एआई के उपयोग से फसल छवियों की वास्तविक समय गुणवत्ता जाँच की जा रही है, वहीं मनरेगा के अंतर्गत एआई-चलित जिला प्रदर्शन रिपोर्ट प्रणाली से डेटा-आधारित निर्णय संभव हो रहे हैं। कृषि विभाग की AGRIGIS प्रणाली फसल पूर्वानुमान, फसल स्वास्थ्य निगरानी और बीमा दावा निपटान को सशक्त बना रही है। श्रम विभाग की एआई-सक्षम एलसीएमएस प्रणाली केस प्रबंधन और न्यायिक प्रक्रियाओं को स्वचालित कर रही है, जबकि मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा एआई आधारित स्मार्ट पुलिसिंग के माध्यम से अपराध नियंत्रण, जांच दक्षता और नागरिक सुरक्षा को मजबूती प्रदान की जा रही है। एमपी पेवेलियन ने मध्यप्रदेश को भविष्य-तैयार, डेटा-संचालित और नागरिक-केंद्रित शासन मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया। इंडिया पेवेलियन में भारत के एआई इको सिस्टम की क्षमताओं को प्रदर्शित किया गया जहाँ देशभर के एआई स्टार्ट-अप एवं प्रमुख राष्ट्रीय एआई परियोजनाओं की प्रस्तुति दी गई। इस पेवेलियन ने नवाचार, अनुसंधान, स्टार्ट-अप संस्कृति और एआई के व्यावहारिक अनुप्रयोगों के माध्यम से भारत को एक उभरती हुई वैश्विक एआई शक्ति के रूप में प्रस्तुत किया।

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Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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