शिवराज का सरकारी आवास अब “मामा का घर”, X पर लिखा- आपसे भैया और मामा की तरह ही जुड़ा रहूँगा

Shivraj Singh Chouhan

Shivraj Singh Chouhan : पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अब नए शासकीय आवास में शिफ्ट हो चुके हैं, उनका नया पता बी-8 , 74 बंगला है। हालांकि अभी वे मुख्यमंत्री नहीं हैं केवल एक विधायक हैं लेकिन वे आज भी पूरे प्रदेश को अपना परिवार मानते हैं, महिलाओं को बहन और बेटे बेटियों को भांजे भांजी मानते हैं, इसीलिए उन्होंने अपने सरकारी आवास को  “मामा का घर” नाम दिया है।

प्रदेश की जनता से मामा का रिश्ता रखते हैं शिवराज 

शिवराज सिंह चौहान ने जब से मध्य प्रदेश की सत्ता संभाली प्रदेश की जनता से पारिवारिक रिश्ता बनाया, उन्होंने हमेशा इसका अहसास भी कराया, लाड़ली लक्ष्मी योजना, लाड़ली बहना योजना, बेटियों को पढ़ने के लिए साइकिल से लेकर स्कूटी, लैपटॉप देना, स्कूल कॉलेज की फ़ीस, विदेश तक पढ़ाने की फ़ीस, बेटियों की शादी करते समय शिवराज ने खुद को मामा और भाई ही कहा और आज भी वे अपने इस रिश्ते को निभाने के लिए खुद को प्रतिबद्ध बता रहे हैं

नए सरकारी आवास को नाम दिया “मामा का घर”

प्रदेश की जनता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बताते हुए शिवराज सिंह चौहान ने अपने नए सरकारी आवास का नामकरण कर दिया है , उन्होंने आज सोशल मीडिया X पर लिखा – मेरे प्यारे बहनों-भाइयों और भांजे-भांजियों, आप सबसे मेरा रिश्ता प्रेम, विश्वास और अपनत्व का है। पता बदल गया है, लेकिन “मामा का घर” तो मामा का घर है। आपसे भैया और मामा की तरह ही जुड़ा रहूँगा। मेरे घर के दरवाजे सदैव आपके लिए खुले रहेंगे। आपको जब भी मेरी याद आये या मेरी जरूरत हो, नि:संकोच घर पधारिये आखिर यह आपके मामा और भैया का घर जो है।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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