मौलाना मदनी ने किया जिहाद का समर्थन, बताया पवित्र कर्तव्य, रामेश्वर शर्मा ने किया पलटवार, कहा नया जिन्ना

रामेश्वर शर्मा ने कहा आतंकवाद फैलाओगे, हिंदुस्तान में निर्दोषों की हत्या करोगे और सोचते हो सुप्रीम कोर्ट तुमको बैठकर बिरयानी खिलाएगी, नहीं सुप्रीम कोर्ट तुमको फांसी के फंदे पर लटकाएगी। महमूद मदनी अपनी बदतमीजी को जरा हद में रखो।
Rameshwar Sharma BJP MLA

Rameshwar Sharma BJP MLA

राजधानी भोपाल में जमीयत उलेमा-ए-हिंद की गवर्निंग बॉडी की मीटिंग में संगठन के प्रमुख मौलाना महमूद असद मदनी द्वारा दिए गए बयानों ने नया विवाद पैदा कर दिया है, मौलाना मदनी ने कहा  लव-जिहाद, लैंड-जिहाद और थूक-जिहाद जैसे शब्दों को मुसलमानों को बदनाम करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है, मदनी ने जिहाद का समर्थन करते हुए कहा कि जिहाद केवल हिंसा नहीं यह पवित्र कर्तव्य है, जहां अन्याय हो वहां जिहाद होना चाहिए, जब-जब जुल्म होगा, तब-तब जिहाद होगा। मदनी यहीं रुके उन्होंने अपने बयान में देश की अदालतों  की कार्यशैली पर भी सवाल उठाये। उन्होंने कहा कि अदालतें सरकार के दबाव में काम कर रही हैं वे सुप्रीम होने का हक़ नहीं रखती।

मौलाना मदनी के बयान पर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने पलटवार किया है उन्होंने कहा कि मौलाना महमूद मदनी औकात में रहकर बात करो, अपराधी, जिहादी पैदा करो, थूक जिहाद करो, लव जिहाद करो, लैंड जिहाद करो हिंदुस्तान के खिलाफ आतंकवाद का समर्थन करो और ऐसा करने के बाद सुप्रीम कोर्ट से न्याय की उम्मीद भी करो।शर्मा ने कहा आतंकवाद फैलाओगे, हिंदुस्तान में निर्दोषों की हत्या करोगे और सोचते हो सुप्रीम कोर्ट तुमको बैठकर बिरयानी खिलाएगी, नहीं सुप्रीम कोर्ट तुमको फांसी के फंदे पर लटकाएगी। महमूद मदनी अपनी बदतमीजी को जरा हद में रखो।

नए नए जिन्ना भारत में अलगाववाद पैदा करना चाहते हैं

इस तरह के देश के अमन और शांति को भंग करने वाले मौलाना कान खोलकर सुन लो, अगर तुमने भारत के संविधान का उल्लंघन किया और न्यायपालिका पर सवाल खड़ा किया तो मैं न्यायपालिका से भी आग्रह करता हूँ कि इस तरह के देशद्रोहियों को स्वतः संज्ञान लेकर केस रजिस्टर्ड करके जेल में डालना चाहिए। ये भारत के अंदर नए-नए जिन्ना पैदा हो रहे हैं, भारत में अलगाववाद पैदा करना चाहते हैं। भारत के मुसलमान को भड़काना चाहते हैं। उनसे देश में आग लगवाना चाहते हैं। ऐसे जिहाद को प्रोत्साहित कर संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल खड़े करना चाहते हैं।

तुम आग लगाओ और सुप्रीम कोर्ट तुमको बरी कर दे, ऐसा नहीं होगा 

तुम आग लगाओ और सुप्रीम कोर्ट तुमको बरी कर दे? तुम लाल किले पर निर्दोषों की हत्या करो और सुप्रीम कोर्ट तुमको बरी कर दे?याद रखो तुम्हारे बेटा-बेटी डॉक्टर बने तो देश तुमको सलाम करेगा, लेकिन यदि वही डॉक्टर बम फेंकेंगे तो उनको भी बम से ही उड़ाया जाएगा। हमारी सरकार उनको मिठाई नहीं खिलाएगी।  इसलिए आतंकवादियों का समर्थन करने वाले मदनी ध्यान रखना, सुप्रीम कोर्ट पर सवाल खड़े मत करो अपनी औकात में रहो।

आग लगाने वालों को ही हिंदुस्तान आग में झोंक देगा

अपनी बदतमीज औलादे के बारे में सोचो, भारत के संविधान को ताक पर रखोगे तो तुम जेल में सड़ोगे या फांसी के फंदे पर लटकाए जाओगे। भारत विरोधी गतिविधियां भारत में किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। तुमने भारत के संविधान का, न्यायालय का अपमान कर और जिहाद का समर्थन कर यह साबित कर दिया है कि तुम्हारी मानसिकता हिंदुस्तान में आग लगाने की है। लेकिन ध्यान रखो हिंदुस्तान की मानसिकता भी क्लियर है कि अब आग लगाने वालों को ही हिंदुस्तान आग में झोंक देगा। भारत पर किसी भी दुष्ट की आंच नहीं आने देगा।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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