BJP नेता का तंज-राहुल प्रियंका दौड़ रहे, दिग्विजय गिर रहे, खड़गे को निर्देशों का इंतजार और..

BJP नेता का तंज-राहुल प्रियंका दौड़ रहे, दिग्विजय गिर रहे, खड़गे को निर्देशों का इंतजार और..

MP BJP : कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की भारत जोड़ों यात्रा के बीच मध्य प्रदेश भाजपा प्रवक्ता डॉ हितेश वाजपेयी का बड़ा बयान सामने आया है। हितेश वाजपेयी ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि वर्तमान तो बहुत जवाब नही दे रहा परंतु वक्त आगे क्या करेगा देखा जाएगा। परंतु सवा सौ साल पुरानी पार्टी का इस प्रकार दिशाहीन और बंजर हो जाना भी एक अध्ययन का विषय है जिसमें राहुल, प्रियंका और वाड्रा साब तो दौड़ रहे हैं परंतु दिग्विजय सिंह गिर रहे हैं, कमलनाथ जी थक रहे हैं और खड़गे साब निर्देशों का इंतजार करते हैं जबकि आम कार्यकर्ता ट्रैक सूट और अपनी फॉर्च्यूनर लेकर उम्मीद से पीछे पीछे दौड़ रहा है।

डॉ हितेश वाजपेयी ने कहा कि लोगों की भावनाओं से खेलकर सत्ता की संभावनाओं को ढूंढना कांग्रेस का पुराना शगल है।काश जयराम रमेश ने अपने साथी दिग्विजय सिंह के दौर की सड़कों को देखा होता तो शायद कांग्रेस द्वारा दिये गये कुशासन को समझ पाते। आम लोगों का कौतुहल और कूटनीतिक कांग्रेसियों की सत्ता की उम्मीद ही बस अभी तक दिखी है।

डॉ हितेश वाजपेयी ने कहा कि कारवां गुजर जाता है और छोड़कर जाता है धूल का गुबार और ये प्रश्न कि ये राहुल भाई जनता के लिए कुछ करने की समझ भी रखता है कि नहीं।आम आदमी कहीं तरस भी खाता है कि ये वो कांग्रेस है जो नमक की कीमत समझती थी और खादी के कपड़े पहनकर महात्मा गांधी सड़कों पर निकलकर आम नागरिक के कर मुक्त नमक के लिए लड़े थे। वो गरीब की जरूरत समझते थे।कोई ठोस जरूरत को पूरा करता एक भी विजनरी नीतिगत निर्णय इस यात्रा से निकलता नही दिख रहा जो गाँव, गरीब, किसान या जवान के जीवन मे निर्णायक परिवर्तन लाने वाला हो।

उनके भाग्य से छींका टूटेगा

डॉ हितेश वाजपेयी ने कहा कि खैर एक मंहगाई के दौर मे राहुल जी द्वारा 500 करोड़ खर्च कर देशाटन जरूर हो रहा है जिसका आम जीवन के लिए कोई निष्कर्ष निकलेगा इस पर सभी को शंका है।खैर कांग्रेस के कार्यकर्ता चूंकि सत्ता से प्रदेश मे बीस साल से बाहर हैं तो उम्मीद से हैं कि उनके भाग्य से छींका टूटेगा।साथ ही बहुत से विश्लेषक जो कांग्रेस के समर्थक हैं वे भी राहुल की इस यात्रा को चुनावों मे फलदायी हो एसी अपेक्षा रख रहें हैं।

Pooja Khodani
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
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