MP News : कर्मचारी संघ की मांग, सेवानिवृत्त कर्मचारियों को 42% महंगाई राहत दे सरकार

MP News : कर्मचारी संघ की मांग, सेवानिवृत्त कर्मचारियों को 42% महंगाई राहत दे सरकार

MP News : मप्र शासन ने पिछले दिनों कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते में (DA) 4% की वृद्धि कर उन्हें विधानसभा चुनावों से पहले बड़ा तोहफा दिया था, इस वृद्धि के साथ कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ कर केंद्र के समान 42% हो गया इससे प्रदेश के साढ़े सात लाख कर्मचारियों को लाभ मिला अब पेंशनर्स की महंगाई राहत बढ़ाने की मांग उठ रही है।

छत्तीसगढ़ शासन ने पेंशनर्स का DR बढ़ाया  

आपको बता दें कि मध्य प्रदेश की तरह ही पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ ने भी अपने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में पिछले दिनों 4 फीसदी की वृद्धि की, वहां पर भी कर्मचारियों को केंद्र के समान  ही 42% महंगाई भत्ता  (DA) मिल रहा है, अब छत्तीसगढ़ शासन ने पेंशनर्स के लिए महंगाई राहत (DR) में वृद्धि कर दी है, छत्तीसगढ़ शासन ने आज पेंशनर्स के लिए 5 प्रतिशत महंगाई राहत दिए जाने के आदेश जारी किये।

छत्तीसगढ़ में पेंशनर्स का DR बढ़कर 38% हुआ 

छत्तीसगढ़ सरकार ने जो आदेश जारी किये हैं उसके मुताबिक सांतवा वेतनमान  के हिसाब से पेंशनर्स के लिए महंगाई राहत 5 प्रतिशत वृद्धि के साथ 38 फीसदी हो गई है और छठवां वेतनमान के हिसाब से पेंशनर्स के लिए महंगाई राहत 11 प्रतिशत वृद्धि के साथ 21.2 प्रतिशत हो गई है।

मध्य प्रदेश में भी DR बढ़ाने की उठी मांग 

छत्तीसगढ़ में महंगाई राहत बढ़ने के बाद अब मध्य प्रदेश में भी पेंशनर्स के लिए महंगाई राहत बढ़ाये जाने की मांग शुरू हो गई है तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के प्रदेश सचिव उमाशंकर तिवारी ने मध्य प्रदेश शासन से प्रदेश में कार्यरत साढ़े चार लाख सेवानिवृत्त कर्मचारियों को 9% महंगाई राहत दिए जाने की मांग की है।

कमर्चारी संघ ने एमपी में DR 42% करने की मांग की 

कर्मचारी नेता तिवारी के कहा कि मध्य प्रदेश के सेवानिवृत्त कर्मचारी 33% महंगाई राहत प्राप्त कर रहे हैं जो कि महंगाई के हिसाब से बहुत कम है, उन्होंने पेंशनर्स को 42% महंगाई राहत दिए जाने की मांग मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से की है।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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