मध्य प्रदेश: अब 30 अप्रैल तक स्लॉट बुकिंग, अबतक 1 लाख 36 हज़ार 237 किसानों से 59.48 लाख क्विंटल गेहूं खरीदी, 575 करोड़ का भुगतान

गेहूं विक्रय के लिए किसान अब 30 अप्रैल 2026 तक स्लॉट बुक कर सकते हैं। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के लिये प्रदेश में 3171 उपार्जन केन्द्र बनाये गये हैं। विगत वर्ष समर्थन मूल्य पर लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया गया था। इस वर्ष 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं के उपार्जन का लक्ष्य रखा गया है।
Wheat procurement

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मध्य प्रदेश के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य की मोहन सरकार ने गेहूं खरीदी के लिए स्लॉट बुकिंग की तारीख को एक हफ्ते आगे बढ़ा दिया है। अब किसान 30 अप्रैल 2026 तक स्लॉट बुक कर सकते हैं। ध्यान रहे सेटेलाइट ई-मेल में मिलान नहीं पाए गए खसरों को छोड़कर उसी किसान के शेष खसरों पर गेहूं की फसल विक्रय के लिये स्लॉट बुकिंग की सुविधा दी गई है। अबतक 4 लाख 61 हजार 271 किसानों द्वारा 1 करोड़ 96 लाख 92 हजार 550 क्विंटल गेहूं के विक्रय के लिए स्लॉट बुक किये जा चुके हैं।

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अब तक एक लाख 36 हज़ार 237 किसानों से 59 लाख 48 हजार 980 क्विंटल गेहूं की खरीदी की जा चुकी है। वहीं 575 करोड़ 86 लाख रुपए का भुगतान उनके बैंक खाते में किया जा चुका है। गेहूँ की खरीदी कार्यालयीन दिवसों में होती है। प्रतिदिन प्रति उपार्जन केन्द्र पर गेहूं विक्रय के लिये स्लॉट बुकिंग की क्षमता 1000 क्विंटल से बढ़ाकर 1500 क्विंटल की गई है। उपार्जित गेहूं में से 45 लाख 92 हजार 610 क्विंटल गेहूँ का परिवहन किया जा चुका है। उपार्जित गेहूं को रखने के लिये जूट बारदानों के साथ ही PP/HDP बैग एवं जूट के भर्ती बारदाने का उपयोग किया जा रहा है।

गौरतलब दें कि प्रदेश में गेहूँ उपार्जन के लिये इस वर्ष रिकार्ड 19 लाख 4 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3 लाख 60 हजार अधिक है। इस वर्ष 2585 रुपये प्रति क्विंटल और राज्य सरकार द्वारा घोषित 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदा जा रहा है। खरीदी के लिये 3171 उपार्जन केन्द्र बनाये गये हैं।  विगत वर्ष समर्थन मूल्य पर लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया गया था। इस वर्ष 78 लाख मीट्रिक टन गेहूँ के उपार्जन का लक्ष्य रखा गया है, जो कि पिछले वर्ष से एक लाख मीट्रिक टन अधिक है।

Pooja Khodani
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

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