मध्य प्रदेश: चक्रवात का असर, 20 अक्टूबर तक 7 संभागों में बदला रहेगा मौसम, आज उज्जैन-ग्वालियर समेत 21 जिलों में बारिश के आसार

MP Weather Forecast: अक्टूबर में मध्य प्रदेश के मौसम के अलग-अलग रंग, दिन में धूप, रात में ठंडक, शनिवार को 21 जिलों में बारिश की भी संभावना, 4 दिन ग्वालियर-चंबल से उज्जैन-जबलपुर संभाग भीगेगा, चक्रवात का असर
mp Weather

उत्तर-पश्चिमी हिस्से में सक्रिय दो चक्रवाती परिसंचरण के असर से मध्य प्रदेश में अगले चार दिन मौसम बदला रहेगा। मौसम विभाग ने 17 से 20 अक्टूबर तक ग्वालियर, चंबल, उज्जैन, सागर, नर्मदापुरम, रीवा और जबलपुर संभाग में बारिश की संभावना जताई है। हालांकि 20 अक्टूबर के बाद मौसम प्रणालियों के कमजोर होने से मौसम साफ होने लगेगा।

आज, शनिवार को 21 जिलों में बादल छाने के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है। इनमें ग्वालियर, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, रतलाम, झाबुआ, धार, आलीराजपुर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना शामिल है। इस दौरान हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है।

इसके बाद 18 और 19 अक्टूबर को नीमच, मंदसौर, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सीधी, मऊगंज, सिंगरौली, सिवनी और बालाघाट में बारिश की संभावना जताई गई है। कई शहरों में दिन में तेज धूप निकल रही है लेकिन रात में ठंडक बढ़ने लगी है। अधिकतर शहरों में न्यूनतम तापमान 16 से 18 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है।

वर्तमान में सक्रिय है कई मौसम प्रणालियां

मौसम विज्ञान केंद्र, भोपाल के मुताबिक, वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पंजाब और उसके आसपास माध्य समुद्र तल से 3.1 से 4.5 किमी की ऊंचाई पर एक चक्रवातीय परिसंचरण के रूप में बना हुआ है। ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण माध्य समुद्र तल से 0.9 किमी की ऊंचाई पर दक्षिण हरियाणा और संलग्न उत्तर राजस्थान के ऊपर स्थित है। ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण माध्य समुद्र तल से 0.9 किमी की ऊंचाई पर दक्षिण राजस्थान और संलग्न उत्तर गुजरात के ऊपर स्थित बना हुआ है। एक ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण माध्य समुद्र तल से 1.5 से 3.1 किमी की ऊंचाई के बीच उत्तरी हरियाणा और उसके आसपास स्थित है। इन सभी मौसम प्रणालियों के असर से गुरुवार से रविवार तक प्रदेश में बादल-बारिश की स्थिति बनी रहेगी।

इस साल मानसूनी सीजन में 4% पानी कम गिरा

गौरतलब है कि इस बार मानसून 24 जून से 3 अक्टूबर 2026 यानि 100 दिन सक्रिय रहा। इस दौरान 908.4 मिलीमीटर यानी 35.8 इंच (95.9%) बारिश दर्ज हुई है, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश 37.3 इंच (949.5 मिलीमीटर ) होनी चाहिए थी। मानसूनी सीजन में इस बार प्रदेश में करीब 4% या 1.5 इंच बारिश कम हुई। पूर्वी हिस्से में 4% ज्यादा पानी गिरा, लेकिन पश्चिमी हिस्से में औसत से 12% कम बारिश हुई। आलीराजपुर बारिश के मामले में सबसे पीछे रहा। निवाड़ी और मऊगंज में सामान्य से 150% से ज्यादा बारिश दर्ज हुई। भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर में सामान्य से अधिक बारिश हुई। अन्य जिलों में सामान्य से कम पानी गिरा।

Pooja Khodani
लेखक के बारे में
Pooja Khodani

12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
Follow Us :GoogleNews