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MP School: शिक्षा विभाग का फैसला, रिक्त पदों के विरुद्ध अतिथि शिक्षकों की होगी व्यवस्था

Written by:Atul Saxena
Last Updated:
शैक्षणिक सत्र 2025-26 में अतिथि शिक्षक की कार्यवाही पूर्णत: ऑनलाइन है, किसी भी अतिथि शिक्षक को ऑफलाइन आमंत्रित नहीं किया जायेगा।
MP School: शिक्षा विभाग का फैसला, रिक्त पदों के विरुद्ध अतिथि शिक्षकों की होगी व्यवस्था

मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित शासकीय विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2025-26 में रिक्त पदों के विरुद्ध ऑनलाइन माध्यम से अतिथि शिक्षक व्यवस्था के संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय ने दिशा-निर्देश जारी किये हैं। यह कार्यवाही जीएफएमएस पोर्टल के माध्यम से की जायेगी।

लोक शिक्षण संचालनालय से जारी निर्देशों में कहा गया है कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 में अतिथि शिक्षक आमंत्रण के लिये प्रदर्शित रिक्तियाँ एजुकेशन पोर्टल-3.0 के अंतर्गत जीएफएमएस पोर्टल पर प्रदर्शित की गयी हैं। प्रमाणित रिक्तियों के विरुद्ध ही शासकीय विद्यालय में अतिथि शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित की जायेगी।

अतिथि शिक्षक के प्रथम चरण की कार्यवाही शुरू

अतिथि शिक्षक के प्रथम चरण की कार्यवाही 26 जून से शुरू हो गयी है। अतिथि शिक्षक की उपस्थिति रिक्वेस्ट का प्रमाणीकरण एक से 3 जुलाई तक किया जायेगा। पोर्टल पर द्वितीय चरण की संभावित समय-सारणी 5 जुलाई से शुरू होकर 12 जुलाई तक समाप्त हो जायेगी।

ऑफलाइन आमंत्रित नहीं किया जायेगा

शैक्षणिक सत्र 2025-26 में अतिथि शिक्षक की कार्यवाही पूर्णत: ऑनलाइन है, किसी भी अतिथि शिक्षक को ऑफलाइन आमंत्रित नहीं किया जायेगा। अतिथि शिक्षक व्यवस्था के विस्तृत रूप से दिशा-निर्देश स्कूल शिक्षा विभाग के एजुकेशन पोर्टल-3.0 पर देखे जा सकते हैं।

लॉन्ग टर्म रिक्तियां और अतिरिक्त रिक्तियां 

आदेश में कहा गया है कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 में अतिथि शिक्षक आमंत्रण हेतु विद्यालय में नियमित शिक्षक के अनुपलब्ध होने की स्थिति में पोर्टल पर प्रदर्शित रिक्त पदों के विरुद्ध अतिथि शिक्षक हेतु वास्तविक आवश्यक लॉन्ग टर्म रिक्तियों की प्रविष्टि करने की कार्यवाही विद्यालय के शाला प्रभारी द्वारा की जायेगी। वहीं ऐसे नियमित शिक्षक जो B.ED/M.ED पाठ्यक्रम में गत वर्ष से प्रवेशित है, उनके कारण आई रिक्ति एवं वास्तविक आवश्यकता होने पर अतिरिक्त रिक्ति संकुल प्राचार्य द्वारा पोर्टल पर दर्ज की जायेगी।

शिक्षा विभाग का आदेश 

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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