MP का रिकॉर्ड, 100 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य से ज्यादा गेहूं उपार्जन कर बना देश का नंबर एक राज्य, सीएम डॉ मोहन यादव ने दी बधाई

सीएम डॉ मोहन यादव ने कहा इस वर्ष को हम किसान कल्याण वर्ष के रूप में मना रहे हैं ऐसे में जिन किसानों ने पंजीयन कराया उन सभी के गेहूं सरकार के गोदामों में हैं पश्चिम एशिया के विषम हालात के बावजूद हमारी सरकार किसानों के हित में काम कर रही है और करती रहेगी।   
MP wheat procurement

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मध्य प्रदेश ने गेहूं उपार्जन में एक नया रिकॉर्ड बनाया है, सरकार ने गेहूं खरीदी के लक्ष्य 100 लाख मीट्रिक टन को पीछे छोड़ते हुए 104 लाख मीट्रिक टन  से अधिक गेहूं की खरीद कर अब तक की सबसे अधिक खरीदी का कीर्तिमान तो रच ही दिया है बल्कि गेहूं खरीदी में देश में नंबर एक स्थान भी हासिल कर लिया है, एमपी MSP पर सबसे ज्यादा गेहूं उपार्जन करने वाला पहला राज्य बन गया है, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इस उपलब्धि के लिए प्रदेश के किसानों और प्रदेश की जनता को बधाई दी है।

मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी की प्रक्रिया अब पूरी हो गई है, कल 28 मई खरीदी की अंतिम तारीख थी और इस दिन तक मध्य प्रदेश ने लक्ष्य से अधिक खरीद कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है, सीम डॉ मोहन यादव के प्रयासों और उत्साहवर्धन के चलते किसान अपना गेहूं लेकर लगातार उपार्जन केंद्र पहुंचे और सरकार ने निर्धारित लक्ष्य 100 लाख मीट्रिक टन के विरुद्ध 104 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं खरीद लिया और एमएसपी पर सबसे ज्यादा गेहूं खरीदने वाला नम्बर एक राज्य बन गया।

104 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं की खरीदी

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इस उपलब्धि के लिए प्रदेश के किसानों और प्रदेश की जनता को बधाई दी है उन्होंने कहा – मुझे ख़ुशी है कि पूरे देश में सर्वाधिक किसानों से गेहूं खरीदने का काम मध्य प्रदेश ने किया है प्रदेश ने अपने बीते सभी वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ते हुए 1 करोड़ 4 लाख 31 हजार मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया है उन्होंने कहा मध्य प्रदेश ने पहली बार छोटे किसान, मध्यम श्रेणी के किसान से सबसे पहले गेहूं ख़रीदा उसका परिणाम ये निकला कि लगभग 32.72 लाख मीट्रिक टन इनसे गेहूं ख़रीदा गया जो एक अच्छी पहल है।

2625 रुपये प्रति क्विंटल MSP पर की गई खरीद

आपको बता दें इस वर्ष केंद्र सरकार ने गेहूं की MSP 2585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित की थी जिसपर मध्य प्रदेश सरकार ने अपनी तरफ से 40 रुपये प्रति क्विंटल के बोनस दिया और किसानों से 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन किया है। खाद्य विभाग के मुताबिक अब तक किसानों को उपार्जित गेहूं का 23,708.13 करोड़ रुपये भुगतान भी किया जा चुका है वहीं उपार्जित गेहूं में से 96 लाख 52 हजार 957 मीट्रिक टन का परिवहन भी किया जा चुका है। यह उपार्जित गेहूं का 93 प्रतिशत है।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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