MP Weather Update: मानसून की चाल पड़ी धीमी, अगले 4-5 दिन हल्की बारिश, अबतक सामान्य से 3% कम गिरा है पानी

भारी बारिश का दौर थमते ही मध्य प्रदेश में बारिश का आंकड़ा सामान्य से 3 प्रतिशत नीचे पहुंच गया है। वैसे अब तक 250.1 मिमी बारिश होनी चाहिए थी लेकिन 241.8 मिमी ही हुई है। खास करके पूर्वी हिस्से की स्थिति कमजोर बनी हुई है।
MP Weather update

मानसून के कमजोर पड़ने और कोई मजबूत मौसम प्रणाली के सक्रिय ना होने के चलते मध्य प्रदेश में भारी बारिश का दौर थम गया है। हालांकि चक्रवाती परिसंचरण के असर से तीन-चार दिन बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश या बूंदाबांदी होती रहेगी। मौसम विभाग की मानें तो आने वाले दिनों में मानसून के दोबारा सक्रिय होने से प्रदेश में फिर भारी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।

मंगलवार (14 जुलाई 2026) को सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में बादलों की आवाजाही के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है।

आज भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में मौसम साफ रहने का अनुमान है।

सोमवार को श्योपुर, ग्वालियर, दतिया, अशोकनगर, विदिशा, सागर, टीकमगढ़, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, रीवा, मऊगंज, सतना, मैहर, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, कटनी, दमोह और रायसेन में मौसम बदला रहा। यहां बादल छाने के साथ बूंदाबांदी हुई।

मध्य प्रदेश बारिश के अबतक के आंकड़े

1 जून से 13 जुलाई 2026 के बीच मध्य प्रदेश में अब तक औसत से करीब 3 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। इस अवधि में औसतन 9.5 इंच (241.8 मिमी) बारिश हो चुकी है, जबकि सामान्य बारिश 9.8 इंच (250.1 मिमी) मानी जाती है। पूर्वी मध्य प्रदेश में औसत से 17% से कम और पश्चिमी मध्य प्रदेश में औसत से 10% से अधिक पानी गिरा है। जबलपुर, शहडोल, सागर और रीवा संभाग में स्थिति ज्यादा कमजोर है। देवास में सर्वाधिक सामान्य से 102 प्रतिशत ज्यादा यानि 18 इंच बारिश हुई है। आलीराजपुर केवल सवा दो इंच यानि सामान्य से 74 प्रतिशत कम पानी गिरा है।

सामान्य से अधिक बारिश वाले जिले: आगर-मालवा, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, देवास, गुना, ग्वालियर, हरदा, इंदौर, खंडवा, खरगोन, मंदसौर, नीमच, राजगढ़, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, उज्जैन, विदिशा, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना और सिवनी।

सामान्य से कम बारिश वाले जिले: अनूपपुर, बालाघाट, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, रीवा, सागर, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आलीराजपुर, दतिया, धार, झाबुआ, मुरैना, नर्मदापुरम, रायसेन और शिवपुरी ।

Pooja Khodani
लेखक के बारे में
Pooja Khodani

12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
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