16 अप्रैल 2026 महिला सशक्तिकरण की मंगलमय तारीख, नारी वंदन अधिनियम पर बोले सीएम डॉ मोहन यादव, पीएम मोदी को बताया युगदृष्टा

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम तहतलोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय ऐतिहासिक है, जिससे महिलाओं का सशक्तिकरण और तेज होगा।
CM Dr. Mohan Yadav Nari Shakti Vandan Sammelan Bhopal

CM Dr. Mohan Yadav Nari Shakti Vandan Sammelan Bhopal

देश की महिलाओं के सशक्त बनाने और लोकसभा एवं विधानसभाओं में उनका प्रतिनिधित्व बढ़ाने, उन्हें 33 प्रतिशत आरक्षण देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार नारी शक्ति वंदन अधिनियम लेकर आई है, इस अधिनियम को लागू करने के लिए सरकार ने चर्चा के लिए संसद का तीन दिवसीय विशेष सत्र बुलाया है जिसमें इसपर चर्चा होगी।

मध्य प्रदेश में भी नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे है, राजधानी भोपाल के रविन्द्र भवन में आज ये विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव शामिल हुए, सम्मेलन में प्रदेश सरकार की मंत्री कृष्णा गौर, निर्मला भूरिया, संपतिया उइके, प्रतिमा बागरी, राधा सिंह सहित कई अन्य जन प्रतिनिधि मंचासीन थे।

सीएम डॉ मोहन यादव ने की पीएम मोदी को बताया  युगदृष्टा 

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई चुनौती भरे काम हाथ में लिए हैं, दुनिया में भारत का मान बढ़ाया, सम्मान बढ़ाया, ये दूरदर्शी फैसले लिए और देश को सशक्त बनाया है हम उनका अभिनन्दन करते हैं , सीएम ने कहा प्रधानमंत्री युगदृष्टा है, असंभव को संभव करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी जाने जायेंगे।

रानी दुर्गावती से लेकर राजमाता सिंधिया के योगदान को किया याद  

मुख्यमंत्री ने कहा ये अधिनियम महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण का लाभ देगा इससे उनका राजनीति में क्षेत्र में प्रतिनिधित्व बढ़ेगा उनकी निर्णय लेने के क्षमता बढ़ेगी इससे वे और सशक्त होंगी। सीएम ने लोकमाता अहिल्याबाई, रानी दुगावती, रानी लक्ष्मीबाई , राजमाता विजय राजे सिंधिया को याद करते हुए उनके शासन काल को याद किया साथ ही सुमित्रा महाजन और सुषमा स्वराज के राजनैतिक योगदान का भी उल्लेख किया

PM Modi का निर्णय गौरवांवित करता है  

16 अप्रैल महिला सशक्तिकरण की मंगलमय तारीख 

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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