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राष्ट्रव्यापी हड़ताल : ट्रेड यूनियनों का बड़ा आंदोलन, 25 करोड़ से ज्यादा लोगों के शामिल होने का दावा, केंद्र सरकार को दी चेतावनी

Written by:Atul Saxena
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कर्मचारी नेता ने कहा कि ये सरकार रोजगार नहीं दे रही ठग रही है, पहले स्थाई रोजगार था, फिर ठेकेदारी प्रथा (कांट्रेक्ट ) शुरू की , फिर संविदा पर नौकरी देने लगे और अब ये फिक्स टर्म लेकर आ रहे हैं यानि दो दिन चार दिन, जितने दिन की जरुरत उतने दिन के लिए नौकरी देंगे। 
राष्ट्रव्यापी हड़ताल : ट्रेड यूनियनों का बड़ा आंदोलन, 25 करोड़ से ज्यादा लोगों के शामिल होने का दावा, केंद्र सरकार को दी चेतावनी

देश की सभी ट्रेड यूनियनों ने आज संयुक्त रूप से राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया जिसका असर पूरे देश में दिखाई दे रहा है, बैंक, बीमा कार्यालय सहित अन्य कई संस्थानों में आज ताले लगे हुए हैं, कर्मचारी केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में एकजुट होकर विरोध जता रहे हैं।

राष्ट्रव्यापी हड़ताल का असर मध्य प्रदेश में भी दिखाई पड़ रहा है, कर्मचारी यूनियनों के बैनर तले कर्मचारी प्रदर्शन कर रहे हैं, जुलूस निकाल रहे हैं और सरकार विरोधी नारेबाजी कर रहे हैं, राजधानी भोपाल में ट्रेड यूनियन के संयुक्त मोर्चे ने प्रदर्शन किया और सरकार को चेतावनी दी।

कर्मचारी नेताओं ने सरकार पर लगाये गंभीर आरोप 

कर्मचारी नेता प्रमोद प्रधान ने मीडिया से बात करते हुए आरोप लगाये कि देश की सरकार कार्पोरेट्स के फेवर की उद्योगपतियों के फेवर की सरकार है, ये इनके लिए ही निजीकरण कर रही है, जो बैंक मुनाफे कमा रही हैं उन्हें बंद कर रही है, बीमा सेक्टर सहित सार्वजनिक क्षेत्रों को तबाह कर रही है।

सरकार पर स्थाई रोजगार समाप्त करने के आरोप   

उन्होंने कहा कि इससे भी बड़ी बात ये है कि जो इससे परेशान है और वो लड़ाई लड़ता है तो उसके अधिकार समाप्त किये जा रहे हैं, कर्मचारी नेता ने कहा कि ये सरकार स्थाई रोजगार की व्यवस्था समाप्त कर रही है, अब नई व्यवस्था फिक्स टर्म की ला रहे है जिससे सिर्फ बेरोजगारी बढ़ेगी।

…तो सरकार पर मार पड़ेगी और बादशाह को बदल देंगे 

कर्मचारी नेता ने कहा इन सब बातों से पूरे देश में आक्रोश है, आज हम सब मिलकर लड़ाई के लिए निकले हैं किसानों का संयुक्त मोर्चा भी हमारे साथ है, नेता ने दावा किया कि ये आजादी के बाद का अब तक का सबसे बड़ा जन आंदोलन है इसमें 25 करोड़ लोग शामिल हैं, यदि सरकार ने हमारे बारे में नहीं सोचा तो आने वाले दिनों में इसे बदल देंगे।

इन मांगों के साथ हड़ताल पर हैं कर्मचारी यूनियन 

हड़ताल में शामिल महिला नेत्री मनीषा मंगरानी ने कहा कि हम न्यूनतम वेजेस देने की मांग कर रहे हैं, हमरी मांग है कि एक मजदूर को कम से कम 26000 रुपए मासिक वेतन मिलना चाहिए, उनको जॉब सिक्यूरिटी मिलनी चाहिए, हम बैंकों के निजीकरण के खिलाफ हैं, हम चाहते हैं कि ओल्ड पेंशन स्कीम फिर से लागू की जाये, 5 डे बैंकिंग होनी चाहिए, मजदूरों के लिए एक पेंशन स्कीम होनी चाहिए।

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