कोरोना से एक और इंदौर के डॉक्टर की मौत, कांग्रेस बोली-शिवराज की सत्ता-हवस MP ले डूबी

कोरोना से एक और इंदौर के डॉक्टर की मौत, कांग्रेस बोली-शिवराज की सत्ता-हवस MP ले डूबी

भोपाल/इंदौर।
मध्यप्रदेश(madhypradesh) के मिनी मुंबई कहे जाने वाले इंदौर(indore) से बड़ी खबर मिल रही है।यहां एक और डॉक्टर कोरोना से जिंदगी हार गए है। कोरोना योद्धा डॉ. अजय जोशी(Corona Warrior Dr. Ajay Joshi) की मौत हो गई। वे इंडेक्स मेडिकल कॉलेज (Index Medical College) में सर्जरी विभाग के एचओडी थे। करीब 15 दिन पहले उन्हें इलाज के लिए चोइथराम अस्पताल (Choithram Hospital) में भर्ती करवाया गया था।डॉक्टर की मौत के बाद कांग्रेस(congress) ने शिवराज सरकार (shivraj sarkar)पर हमला बोला है।

इससे पहले भी कई डॉक्टर दम तोड़ चुके है। इससे पहले डॉ पंजवानी, बीके शर्मा और आयुर्वेद जिला आयुष अधिकारी की मौत हो चुकी है।वही शहर में आंकड़ों दिनो दिन बढ़ते जा रहे है। सोमवार को इंदौर में कोरोना के 45 नए मामले मिले थे। शहर में अब एक्टिव केस की संख्‍या 1105 है। अब तक 2566 मरीज कोरोना महामारी को हरा चुके हैं।वही अबतक 160 की मौत हो गई है।

कांग्रेस ने सरकार को घेरा
कांग्रेस ने ट्वीट कर लिखा है कि इंदौर के एक और डाक्टर की कोरोना से मौत हो गई है।इंडेक्स मेडिकल कॉलेज (Index Medical College) के सर्ज़री विभाग के एचओडी डॉ. अजय जोशी की कोरोना इलाज के दौरान चोइथराम हॉस्पिटल में मौत हो गई।शिवराज जी, बड़े-बड़े नामी डॉक्टर मर रहे हैं,और आप कोरोना को सर्दी-जुकाम बताते हो..?—शिवराज की सत्ता-हवस मप्र ले डूबी..!

Gaurav Sharma
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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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