पीएम मोदी की किसानों को सौगात, खातों में पहुंचाए 17 हजार करोड़ रुपए, विदिशा के किसान से की बात

मोदी सरकार

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने रविवार को किसानों को बड़ी सौगात दी| पीएम ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ‘कृषि अवसंरचना कोष’ (Agricultural Infrastructure Fund) के तहत 1 लाख करोड़ रुपए की फाइनेंसिंग सुविधा की शुरुआत की। प्रधानमंत्री ने इसी अवसर पर PM Kisan Yojana के तहत 8.5 करोड़ किसानों को 17,000 करोड़ रुपए की छठी किस्त भी जारी की। इस दौरान प्रधामंत्री ने विदिशा के किसान मुकेश शर्मा से बातचीत कर उनकी प्रायमरी एग्रीकल्चर कोऑपरेटिव सोसायटी के बारे में जानकारी ली और धरती की उर्वरक क्षमता को बनाए रखने के लिए मार्गदर्शन दिया। मुकेश की सोसायटी से करीब 1,100 किसान जुड़े हुए हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा, आज हलषष्टी है, भगवान बलराम की जयंती है| सभी देशवासियों को, विशेषतौर पर किसान साथियों को हलछठ की, दाऊ जन्मोत्सव की, बहुत-बहुत शुभकामनाएं| हलषष्टी और भगवान बलराम की जयंति के बेहद पावन अवसर पर देश में कृषि से जुड़ी सुविधाएं तैयार करने के लिए एक लाख करोड़ रुपये का विशेष फंड लॉन्च किया गया है|

इस समारोह में देश भर के लाखों किसान, सहकारी समितियां और नागरिक शामिल हुए। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 1 लाख करोड़ रुपए के ‘कृषि अवसंरचना कोष’ के तहत फाइनेंस की सुविधा को मंजूरी दी है। इस फंड के जरिए कटाई के बाद फसल के बेहतर प्रबंधन के लिए Infrastructure और Community Agricultural Assets जैसे कि कोल्ड स्टोरेज, कलेक्शन सेंटर, प्रॉसेसिंग यूनिट बनाने में मदद की जाएगी।

पीएम ने कहा इस फंड से गांवों-गांवों में बेहतर भंडारण, आधुनिक कोल्ड स्टोरेज की चेन तैयार करने में मदद मिलेगी और गांव में रोजगार के अनेक अवसर तैयार होंगे। इसके साथ-साथ साढ़े 8 करोड़ किसान परिवारों के खाते में, पीएम किसान सम्मान निधि के रूप में 17 हजार करोड़ रुपये ट्रांस्फर करते हुए भी मुझे बहुत संतोष हो रहा है। संतोष इस बात का है कि इस योजना का जो लक्ष्य था, वो हासिल हो रहा है। बीते डेढ़ साल में इस योजना के माध्यम से 75 हज़ार करोड़ रुपये सीधे किसानों के बैंक खाते में जमा हो चुके हैं. इसमें से 22 हज़ार करोड़ रुपये तो कोरोना के कारण लगे लॉकडाउन के दौरान किसानों तक पहुंचाए गए हैं|

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews