मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में यातायात को नियंत्रित करने में महत्वपूण भूमिका निभा रहे 30 सूबेदारों/कार्यवाहक रक्षित निरिक्षकों को रक्षित निरीक्षक के पद पर पदोन्नति की तोहफा दिया है, शासन ने इनके आदेश जारी कर दिए हैं, पीएचक्यू ने ये फैसला विभागीय समिति की अनुशंसा पर लिया है।
पुलिस मुख्यालय ने आदेश में कहा कि जुलाई में सूबेदार/कार्यवाहक रक्षित निरीक्षक से रक्षित निरीक्षक के पद पर कुल 169 लोक सेवकों को पदोन्नत किया गया था। इस आदेश के बाद विभागीय पदोन्नति समिति दवारा रिव्यू डीपीसी आयोजित कर प्रतिवेदन प्रेषित किया। जिसके आधार पर रक्षित निरीक्षक के रिक्त पदों पर इन लोकसेवकों को वरिष्ठता सूची क्रमांक के अनुसार उनकी पदस्थापना वाली जगह ही वेतनमान 9300-34800+4200 (पे-मेट्रिक्स लेवल-10) में पदोन्नत करने का निर्णय लिया है।
इकाई प्रमुख को इन निर्देशों का करना होगा पालन
- पीएचक्यू ने आदेश में कहा कि यदि पदोन्नत किया गया कर्मचारी निलंबित हो या उसके विरुदध कोई विभागीय जांच हेतु आरोप पत्र जारी कर दिया गया हो या उस पर किसी आपराधिक आरोप के आधार पर न्यायालय में प्रकरण प्रचलन में हो तो उन्हें पदोन्नति पर कार्यमुक्त न करते हुए इस कार्यालय को जानकारी दें, यदि इसके बाद भी उसे पदोन्नति पर कार्यमुक्त किया जाता है तो इसकी जिम्मेदारी इकाई प्रमुख की होगी।
- यदि लोक सेवक पर यदि कोई ऐसा दण्ड प्रभावशील हो जो उन्हें पदोन्नति नियम “2025” के तहत अयोग्य ठहराता हो तो उन्हें पदोन्नति पर कार्यमुक्त न करते हुए इस कार्यालय को जानकारी दें इसके बाद भी उसे पदोन्नति पर कार्यमुक्त किया जाता है तो इसकी जिम्मेदारी इकाई प्रमुख की होगी।
- जिस सूबेदार/कार्यवाहक रक्षित निरीक्षक ने मूलभूत प्रशिक्षण उत्तीर्ण न किया हो उन्हें पदोन्नति पर कार्यमुक्त न करते हुए इस कार्यालय को जानकारी दें , इसके उपरांत भी उसे पदोन्नति पर कार्यमुक्त किया जाता है तो इसकी जिम्मेदारी इकाई प्रमुख की होगी।
- पुलिस मुख्यालय ने कहा ये सभी पदोन्नतियां सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष लंबित विशेष अनुमति याचिका क्रमांक 13954/ 2016 तथा सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालय दवारा भविष्य में पारित किए जाने वाले आदेश के अध्यधीन होंगी।
- पदोन्नत शासकीय सेवकों को वेतन निर्धारण के लिए मध्यप्रदेश लोकसेवा पदोन्नति नियम 2025 के नियम 13 अनुसार आदेश प्राप्त होने की तिथि से एक माह भीतर अपना विकल्प प्रस्तुत करना होगा।
पुलिस मुख्यालय का आदेश









