पंजाब-राजस्थान ने एक मई तक बढ़ाया लॉकडाउन, मप्र में भी बढ़ेगा!

पंजाब-राजस्थान ने एक मई तक बढ़ाया लॉकडाउन, मप्र में भी बढ़ेगा!

भोपाल| देश में तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमितों के मामलों को देखते हुए लॉक डाउन को आगे बढ़ाये जाने की संभावना बढ़ गई है| ओडिशा, पंजाब के बाद राजस्थान सरकार ने भी एक मई तक लॉक डाउन बढ़ाने का फैसला किया है| मध्य प्रदेश में भी बिगड़ते हालातों को देखते हुए लॉक डाउन बढ़ाया जा सकता है, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इसके संकेत कई बार दे चुके हैं|

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 अप्रैल को सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ देशव्यापी लॉकडाउन को आगे बढ़ाने के सवाल पर चर्चा करेंगे। यह चर्चा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी, जिसमे फैसला लिया जा सकता है कि 21 दिनों के देशव्यापी लॉकडाउन को आगे बढ़ाया जाए या नहीं। तमाम राज्य इस बैठक में अपने सुझाव और प्रदेश की स्तिथि की जानकारी देंगे|

मध्य प्रदेश में सरकार 15 ज़िलों में पहले ही 46 जगहों को कोरोना के लिए हॉटस्पॉट घोषित कर चुकी है| इन जगह पर पूरी सख्ती बरतने को कहा गया है| सूत्रों के मुताबिक कुछ ढील के साथ सरकार प्रदेश में लॉक डाउन की अवधि को एक मई तक बढ़ा सकती है| प्रदेश में कोरोना के मामले दिन प्रतिदिन तेजी से सामने आ रहे हैं, जिससे निपटने के लिए लॉक डाउन को आगे बढाए जाना जरूरी समझा जा रहा है, वहीं सरकार ने कोरोना के खिलाफ अपनी कोशिशे तेज कर दी है| ऐसे में शनिवार को पीएम की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बाद लॉक डाउन को लेकर फैसला होगा|

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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