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सागर जहरीली शराब कांड पर उमंग सिंघार का हमला, बोले “15 मौतों का हिसाब दे भाजपा सरकार”

इस घटना से प्रदेश की सियासत गरमा गई है। कांग्रेस ने मामले में जिम्मेदारी तय करने और प्रभावित परिवारों के लिए पर्याप्त सहायता सुनिश्चित करने की मांग की है।
Umang Singhar

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मध्यप्रदेश के सागर जिले की बंडा तहसील में अवैध जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के मामले में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार से जवाब मांगा है। उन्होंने कहा कि “जिस बॉम्बे और सागर गोल्ड शराब की नकली पैकिंग को लेकर एक दिन पहले ही जांच हुई और उसे पीने योग्य बता दिया गया, उसी शराब को पीने के बाद इतनी मौतें कैसे हो गईं?”

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि यह सिर्फ जहरीली शराब का मामला नहीं, यह भाजपा सरकार की घोर लापरवाही और संरक्षण में फल-फूल रहे शराब माफिया का मामला है। बता दें कि रविवार को उमंग सिंघार ने ग्राम बमूरा में मृतकों के परिवारों से मुलाकात की और सागर मेडिकल कॉलेज में इलाज करवा रहे पीड़ितों व परिजनों से स्वास्थ्य की जानकारी भी ली थी।

उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि जहरीली शराब खुलेआम दुकानों पर बिक रही थी। परिवारों के बच्चों ने बताया कि यह कई सालों से चल रहा है और उन्होंने भाजपा से जुड़े लोगों तथा अधिकारियों की मिलीभगत का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि पूरे तंत्र की मिलीभगत के बिना ऐसा कारोबार संभव नहीं है और भाजपा सरकार का तंत्र इन मौतों के लिए जिम्मेदार है।

बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद कांग्रेस प्रदेश सरकार पर हमलावर है। उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि जहरीली शराब का कारोबार खुलेआम चलता रहा, जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे रहे और अब मौतों के बाद कार्रवाई का दिखावा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ जहरीली शराब का मामला नहीं, यह भाजपा सरकार की घोर लापरवाही और संरक्षण में फल-फूल रहे शराब माफिया का मामला है। कांग्रेस नेता ने सरकार से पूछा है कि इन मौतों का जवाब कौन देगा।

जहरीली शराब ने मचाई तबाही

बंडा और शाहगढ़ क्षेत्र के गांवों में शनिवार रात अवैध शराब पीने के बाद लोगों में लक्षण शुरू हुए। आधिकारिक तौर पर मृतकों की संख्या 11 के आसपास बताई जा रही है जबकि विपक्ष 15 लोगों की मौत का दावा कर रहा है। 50 से अधिक लोग अस्पतालों में भर्ती हैं। एक गंभीर मरीज को एयर एंबुलेंस से भोपाल भेजा गया। इस पुलिस ने दस से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लिया, एफआईआर दर्ज कीं और कई शराब दुकानें सील की है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। आबकारी विभाग के तीन अधिकारियों को निलंबित किया गया, एक वरिष्ठ अधिकारी को मुख्यालय अटैच किया गया और पुलिस के कुछ कर्मियों को भी निलंबित किया गया।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
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