मध्य प्रदेश के सागर में जहरीली शराब से हुए मौतों की घटना सामने आने के बाद हडकंप मचा हुआ है, आबकारी आयुक्त के निर्देश के बाद आबकारी अमला फील्ड में है, आबकारी मुख्यालय ग्वालियर के अधिकारी भी जब मैदान में उतरे तो उन्हें उनकी ही नाक के नीचे ही अवैध शराब बनाने की फैक्ट्री चलती मिली, अफसर उस समय चौंक गए जब उन्हें अवैध शराब के साथ साथ यहाँ नकली पेट्रोल बनाने का भी कारोबार पकड़ में आया, आबकारी विभाग ने पुलिस को सूचना दी जिसके बाद दोनों विभागों में अपने अपने अधिकार क्षेत्र की कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों पर एक्शन लिया है।
रविवार को देर रात आबकारी विभाग की टीम ने मोहना थाना क्षेत्र में हाईवे पर स्थित ढाबों में चैकिंग की, मोहना थान पुलिस भी आबकारी टीम एक साथ थी, टीम को यहाँ महाकाल ढाबे पर संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिली , आबकारी अमला और पुलिस जब महाकाल ढाबे पर पहुंची तो सूचना सही साबित हुई।
करीब 50 लाख की अवैध शराब नकली पेट्रोल जब्त
अफसरों को ढाबे के दो कमरों में अवैध शराब निर्माण और निकली पेट्रोल निर्माण होता मिला यानि यहाँ हाईवे पर बेखौफ अवैध शराब और नकली पट्रोल की फैक्ट्री चल रही थी, पुलिस को छापे में 2600 लीटर इथेनॉल मिला, 63 बल्क लीटर शराब बीयर , 20 ड्रम पेट्रोल और 18 ड्रम थिनर मिला, पूरे माल की कीमत करीब 50 लाख रुपये बताई गई है।
नकली पेट्रोल हाई वे से गुजरने वाले वाहनों को बेचते थे
शुरुआती पूछताछ में मालूम चला कि जब्त इथेनॉल से करीब 32 लाख रुपए की शराब बनाई जा सकती थी, फैक्ट्री में पेट्रोल में थिनर, इथेनॉल और अन्य ज्वलनशील पदार्थ मिलाकर नकली पेट्रोल तैयार किया जाता था जो हाईवे से गुजरने वाली गाड़ियों को बेचा जाता था।
ढाबा संचालक सहित तीन आरोपी गिरफ्तार
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि ये जिस जगह अवैध फैक्ट्री चल रही थी वो ढाबा अनिल शर्मा निवासी मोहना का है वो अपने साथियों सौरभ गुर्जर निवासी श्योपुर व अतीक खान निवासी मोहना गिरफ्तार के साथ मिलकर ये अवैध कारोबार कर रहा है पुलिस ने मामला दर्ज कर तीनों को गिरफ्तार कर लिया है।






