प्लास्टिक कचरे से प्लाईवुड बोर्ड का विकल्प बना रही ये कंपनी, लॉन्च किया नया प्रोडक्ट, पर्यावरण का होगा बचाव 

भोपाल के मिंटू हॉल में भोपाल नगर निगम द्वारा एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान एक प्राइवेट कंपनी ने प्लाईवुड का विकल्प पेश किया।
bhopal news

Bhopal News: पर्यावरण के लिए प्लास्टिक कितनी हानिकारक है यह बात सबको पता है। सरकार भी देशभर में प्लास्टिक मुक्त अभियान चला रही है। लेकिन इसे पूर्ण रूप से हटाना मुश्किल प्रतीत होता है। भारत में प्लास्टिक का इस्तेमाल बड़े स्तर पर होता है। ऐसे में टेराफॉर्म ईएसजी प्राइवेट लिमिटेड रीसाइकिल प्लास्टिक से लकड़ी के प्लाई बोर्ड का विकल्प बना रही है। जिससे न सिर्फ पेड़ों का बचाव होगा, बल्कि भारत को प्लास्टिक मुक्त बनाने में भी सहायक हो सकता है।

भोपाल के मिंटू हॉल में भोपाल नगर निगम द्वारा एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें राज्यपाल, सीएम मोहन यादव, कैलाश विजीवर्गीय और अन्य कई लोग भी शामिल हुए। इस दौरान टेराफॉर्म ईएसजी प्राइवेट लिमिटेड प्लाईवुड बोर्ड का विकल्प लॉन्च किया। कंपनी ने दावा किया कि यह पूरी तरह से पुनर्नवीनीकरण प्लास्टिक से बना है। कैरी बैग, आटा बैग, चॉकलेट रैपर, चिप्स के पैकेट जैसे प्लास्टिक कचरों का इस्तेमाल इसे बनाने में किया गया है।

कई परियोजनाओं में हो रहा प्रोडक्ट का इस्तेमाल (Plywood Alernative from Plastic Waste)

इस प्रोडक्ट का निर्माण भोपाल नगर निगम के कचरा संग्रहण डम्पिंग यार्ड में किया जा रहा है। जिसका मुख्य उद्देश्य पारंपरिक प्लाइवुड के लिए एक व्यवहार्य विकल्प को पेश करके प्लास्टिक प्रदूषण के गंभीर मुद्दे के निपटना है। साथ ही पेड़ों जैसे प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाना है। कंपनी ने बताया कि वे पोर्टेबल शौचालय, दीवार विभाजन, गोदाम और विनिर्माण संयंत्र निर्माण, मॉड्यूलर किचन सेटअप की सामग्री, फर्नीचर उत्पादन और अन्य कई परियोजनाओं में इस प्रोडक्ट का इस्तेमाल भी कर रहे हैं।

हरित भविष्य में योगदान करने पर हमें गर्व- कंपनी प्रतिनिधि (Plastic Waste Reuse)

टेराफॉर्म ईएसजी प्राइवेट लिमिटेड के एक प्रतिनिधि ने कहा, “हमे गर्व है कि हम उस प्लास्टिक कचरे का रीयूज करके हरित भविष्य में योगदान दे रहे हैं जिसका इस्तेमाल कोई नहीं कर रहा। हमारा नया प्रोडक्ट न सिर्फ पर्यावरण संरक्षण का समर्थन करता है, बल्कि टिकाऊ निर्माण प्रथाओं को भी बढ़ावा देता है।”

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews