कमिश्नर भोपाल की यह कार्रवाई बनी मिसाल

कमिश्नर भोपाल की यह कार्रवाई बनी मिसाल

भोपाल

कोरोना संक्रमण के कारण चल रहे लॉकडाउन में जनता की समस्याएं लगातार सामने आ रही है । प्रशासनिक अधिकारियों पर कोरोना संक्रमण को रोकना एक बड़ी चुनौती तो है ही साथ ही साथ कानून व्यवस्था कैसे बनी रहे और आम जनता की बेहतरी हो यह भी अपने आप में एक बड़ा सवाल है। ऐसा नहीं यदि एक शिकायत पर पर कार्रवाई हो जाए तो आम जनता को लगता है कि प्रशासन और सरकार उसके साथ खड़ा है।

ऐसा ही वाकया सोमवार को भोपाल में सामने आया जब एक व्हाट्सएप ग्रुप पर जेके हॉस्पिटल के पास बने हुए जैन किराना व जनरल स्टोर की शिकायत ब्लैक मार्केटिंग को लेकर की गई । जब ग्राहक ने इस दुकानदार से कहा ऐसा क्यों कर रहे हो तो उसने कहा जहां शिकायत करना है कर दो ।प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार मनीष दीक्षित द्वारा इसे व्हाट्सएप में डाला गया और संयोग से उस ग्रुप में भोपाल की संभागायुक्त कल्पना श्रीवास्तव भी सदस्य थीं । उन्होंने जैसे ही मैसेज पढ़ा, तुरंत टीम को वहां भेजा और शिकायत को सही पाते हुए दुकान से अधिक कीमत किराना बेचने, कालाबाजारी और बिना खाद्य रजिस्ट्रेशन व्यापार करने पर दुकान को सील कर दिया।यह कार्रवाई संभागायुक्त के निर्देशन पर खाद्य सुरक्षा विभाग और श्रम विभाग ने की। संभागायुक्त की इस कार्रवाई की पूरे शहर में न केवल प्रशंसा की जा रही है बल्कि लोगों का कहना है कि यदि अफसर ठान ले तो कुछ भी मुमकिन है।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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