Transfer News : पुलिस इंस्पेक्टर्स के थोक में तबादले, नई पदस्थापना आदेश जारी, यहाँ देखें लिस्ट

पुलिस मुख्यालय के आदेश के मुताबिक जिन 18 पुलिस अधिकारियों को बालाघाट/मंडला से हटाया गया है उसमें 17 निरीक्षक और एक कार्यवाहक निरीक्षक है जबकि बालाघाट/मंडला में जिन 18 नए पुलिस अधिकारियों को भेजा गया है उनमें 16 कार्यवाहक निरीक्षक और 2 निरीक्षक शामिल हैं।
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मध्य प्रदेश पुलिस ने निरीक्षक और कार्यवाहक निरीक्षकों के तबादलों का आदेश जारी किया है, आदेश में 36 पुलिस अधिकारियों के नाम हैं इनमें से 18 अधिकारियों को नक्सल प्रभावित जिलों से हटाया गया है वहीं 18 दूसरे पुलिस अधिकारियों को उनकी जगह पदस्थ किया गया है।

मध्य प्रदेश शासन के नियमानुसार पुलिस अधिकारियों को अनिवार्य रूप से 2 साल के लिए नक्सल प्रभावित जिलों बालाघाट/मंडला में पदस्थ किया जाता और उनका कार्यकाल पूरा होने के बाद उन्हें वहां से हटाकर किसी अन्य जिले में भेजा जाता है, इसी नियम के तहत पुलिस मुख्यालय ने 36 पुलिस अधिकारियों की पदस्थापना में बदलाव किया है।

18 पुलिस अधिकारी नक्सल प्रभावी जिलों से हटाये इतने ही भेजे  

पुलिस मुख्यालय के आदेश में 18 ऐसे पुलिस अधिकारियों के नाम है जो अभी तक बालाघाट/मंडला में पदस्थ थे और उनकी 2 वर्ष की कार्य अवधि पूरी हो चुकी थी उन्हें ट्रांसफर कर प्रदेश के दूसरे जिलों में पदस्थ किया गया है इसी तरह प्रदेश के दूसरे जिलों में पदस्थ 18 पुलिस अधिकारियों को वहां से हटाकर बालाघाट/मंडला में पदस्थ किया गया है। इस आदेश में निरीक्षक और कार्यवाहक निरीक्षक दोनों शामिल हैं।

पुलिस मुख्यालय ने दिए ये निर्देश 

पुलिस मुख्यालय ने अपने आदेश में कहा है कि जिले के अन्दर कार्य का आवंटन एसपी द्वारा जिले में आमद देने के बाद किया जायेगा, आदेश में निर्देश दिए गए हैं कि ट्रांसफर किये गए पुलिस अधिकारी को निर्धारित अवधि में कार्य मुक्त कर दिया जाये साथ भी ये भी निर्देश दिए गए हैं कि यदि कोई अधिकारी निलंबन में चल रहा है है तो उसे कार्यमुक्त ना कर उसकी सूचना पुलिस मुख्यालय को दी जाये।

इन 18 पुलिस अधिकारियों की बालाघाट/मंडला से वापसी 

इन 18 पुलिस अधिकारियों का बालाघाट/मंडला Transfer

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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