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उमंग सिंघार का आरोप ‘एमपी में भावांतर योजना फेल’, कहा- 90 हजार से ज्यादा किसानों का पैसा अटका, सरकार से तुरंत भुगतान की मांग

Written by:Shruty Kushwaha
Published:
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया है कि योजना के तहत सोयाबीन किसानों को समय पर भुगतान नहीं मिला और हजारों किसानों की राशि अटकी हुई है। उन्होंने कहा कि मंडी बोर्ड और जिला स्तर की व्यवस्थाएं होने के बावजूद किसान परेशान हैं और इस मामले में सरकार को त्वरित एक्शन लेना चाहिए।
उमंग सिंघार का आरोप ‘एमपी में भावांतर योजना फेल’, कहा- 90 हजार से ज्यादा किसानों का पैसा अटका, सरकार से तुरंत भुगतान की मांग

Umang Singhar

उमंग सिंघार ने आरोप लगाया है कि मध्यप्रदेश में भावांतर योजना पूरी तरह फेल हो गई है। उन्होंने कहा कि किसानों को मंडी में सोयाबीन बेचे हुए बीस दिन हो गए लेकिन अब भी भावांतर राशि नहीं मिल पाई है। कांग्रेस नेता ने कहा कि हजारों किसान इसे लेकर शिकायत कर चुके हैं। वो अपने ही पैसे पाने के लिए भटक रहे हैं।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मंडी बोर्ड और जिला-स्तरीय कंट्रोल रूम स्थापित होने के बावजूद किसानों की सुनवाई नहीं हो रही, जिससे किसान कर्ज, ब्याज और अपनी पारिवारिक जरूरतों के लिए परेशान हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मोहन सरकार घोषणाएं तो कर देती है लेकिन सही क्रियान्वयन नहीं कर पाती है।

क्या है भावातंर योजना 

बता दें कि मध्यप्रदेश सरकार ने खरीफ फसलों के लिए भावांतर भुगतान योजना (प्राइस डेफिसिट पेमेंट स्कीम) लागू की है। सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए योजनांतर्गत राज्य सरकार ने प्रावधान किया है कि बाजार में एमएसपी से कम दाम मिलने पर अंतर राशि किसानों को दी जाएगी। राज्य सरकार का कहना है कि किसानों ने अपनी अधिकांश उपज इसी MSP पर सरकारी उपार्जन केंद्रों के माध्यम से बेची है। वहीं, भावांतर भुगतान योजना ने किसानों को अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान की। योजना के तहत जिन किसानों को किसी कारण से बाजार में MSP से कम दाम मिला, वहां सरकार ने एमएसपी और वास्तविक बाजार मूल्य के अंतर की भरपाई की है।

उमंग सिंघार का आरोप

हालांकि इस मुद्दे पर कांग्रेस सरकार को घेर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए उमंग सिंघार ने कहा है कि मध्यप्रदेश में भाजपा सरकार की भावांतर योजना पूरी तरह से विफल हो चुकी है। उन्होंने कहा है कि सोयाबीन बेचने के बीस दिन बाद भी प्रदेश के लाखों किसानों को भावांतर राशि का भुगतान नहीं मिला है और अभी तक 90 हजार से अधिक किसानों को भुगतान नहीं किया गया है। इसके चलते कर्ज, ब्याज और पारिवारिक जरूरतों के लिए किसान परेशान हो रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कई किसानों ने अधिकारियों के यहां शिकायतें दर्ज की हैं और 8000 से अधिक शिकायतें भी दर्ज होने की जानकारी मिली है। उनका आरोप है कि मंडी बोर्ड और जिला स्तर पर कंट्रोल रूम होने के बावजूद किसानों की सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि ‘यह प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि किसानों के साथ खुला अन्याय है। भाजपा सरकार जवाब दे, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्यवाही करे और सभी किसानों को उनका बकाया भावांतर का तुरंत भुगतान कराए’।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
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