नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने हाल ही में मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों में हुई असमय वर्षा, आंधी और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों के हित में त्वरित कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि प्रभावित जिलों में शीघ्र सर्वे कराकर किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा दिया जाए।

कांग्रेस नेता ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि इस विषय में आवश्यक दिशानिर्देश देकर जल्द से जल्द आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, जिससे प्रभावित किसानों को राहत मिल सके और उनका आर्थिक नुकसान कम किया जा सके।

उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र 

उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र में लिखा है कि बारिश और ओलावृष्टि के कारण भिंड, मुरैना, ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी, बड़वानी, बैतूल और रायसेन समेत कई जिलों में गेहूं, सरसों और चना की खड़ी और कटाई के बाद तैयार फसलें बड़े पैमाने पर प्रभावित हुई हैं। खासतौर पर न्यूनतम समर्थन मूल्य पर समय पर खरीदी न होने के कारण किसानों की उपज लंबे समय तक खेतों और खलिहानों में रखी रही, जिससे वर्षा और ओलावृष्टि के चलते किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।

किसानों को जल्द मुआवजा देने की मांग 

नेता प्रतिपक्ष ने सीएम से मांग की है कि प्रभावित जिलों में राजस्व एवं कृषि विभाग के माध्यम से शीघ्र, पारदर्शी और समयबद्ध सर्वेक्षण कर वास्तविक क्षति का आकलन किया जाए और किसानों को आर्थिक सहायता और मुआवजा दिया जाए। पत्र में उन्होंने ये भी लिखा है कि वर्षा से प्रभावित उपज के संदर्भ में गुणवत्ता मानकों में आवश्यक एवं व्यवहारिक शिथिलता प्रदान की जाए, ताकि किसानों को उपार्जन से वंचित न होना पड़े। बता दें कि मध्यप्रदेश के कई जिलों में हाल ही में हुई असमय वर्षा, आंधी और ओलावृष्टि ने रबी फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया है। मौसम की मार से खेतों में खड़ी फसलें नष्ट हो गई हैं और कटाई के बाद रखी हुई फसलें भी प्रभावित हुई हैं।  कांग्रेस लंबे समय से सरकार से एमएसपी पर खरीदी शुरु करने की मांग कर रही है। उसका कहना है कि यह नुकसान इसलिए भी अधिक हुआ है क्योंकि गेहूं की एमएसपी पर खरीदी समय पर शुरू नहीं हो पाई थी और किसानों की उपज लंबे समय से रखी हुई थी। इसे लेकर अब उसने सरकार से जल्द सर्वे करा मुआवजा देने की मांग की है।