भोपाल सहित 4 संभागों में शुरू हुआ गेहूं उपार्जन, पहले दिन हुई 1616 क्विंटल की खरीदी, MSP 2625 रुपये प्रति क्विंटल

गेहूं उपार्जन केंद्रों पर किसानों की मदद के लिए हेल्प डेस्क स्थापित किये गए हैं, जिला स्तर पर भी कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। इस बार गेहूं उपार्जन पर मुख्यमंत्री कार्यालय में स्थापित कंट्रोल रूम से व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जाएगी।
Wheat procurement

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मध्य प्रदेश में आज 9 अप्रैल से गेहूं खरीदी शुरू हो गई है, राज्य सरकार किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दो चरणों में गेहूं उपार्जन कर रही है, चार संभाग इंदौर , उज्जैन, नर्मदापुरम और भोपाल में आज से खरीदी शुरू हुई है जबकि शेष संभागों में 15 अप्रैल से गेहूं का उपार्जन किया जायेगा।

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि पहले दिन 45 उपार्जन केन्द्रों पर 1616 क्विंटल गेहूं का उपार्जन किया गया है। उन्होंने बताया कि रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूं  उपार्जन के लिये अभी तक 97 हजार 474 किसानों द्वारा 4 लाख 46 हजार 582 मीट्रिक टन गेहूं के विक्रय के लिये स्लॉट बुक किये जा चुके हैं।

2625 रुपये प्रति क्विंटल MSP पर हो रही गेहूं खरीदी 

खाद्य मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2585 रुपये प्रति क्विंटल तय की है और मध्य प्रदेश सरकार इस पर 40 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस दे रही है यानि प्रदेश सरकार 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से किसानों से गेहूं खरीद रही है, उन्होंने कहा कि आज से चार संभागों में गेहूं खरीदी शुरू हुई है जबकि शेष संभागों में 15 अप्रैल से शुरू होगी

खाद्य मंत्री ने बताया  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन की सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष रिकार्ड 19 लाख 4 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3 लाख 60 हजार अधिक है। मंत्री राजपूत ने बताया कि पिछले वर्ष लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया गया था। इस वर्ष 78 लाख मीट्रिक टन लक्ष्य रखा गया है।

सरकार ने की है सुरक्षित भण्डारण की व्यवस्था  

खाद्य मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि गेहूं खरीदने के बाद उसे रखने के लिए जूट बारदानों के साथ ही पीपी/एचडीपी बैग एवं जूट के भर्ती बारदाने का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार ने गेहूं के उपार्जन के बाद उसके सुरक्षित भण्डारण की व्यवस्था भी सरकार ने की है ।

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने प्रदेश के जिलों के कलेक्टर्स को निर्देश दिए हैं कि उपार्जन केंद्रों पर किसानों के लिए आवश्यक सभी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, गेहूं लेकर आने वाले किसानों को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए। सीएम ने कहा किसानों के लिए पेयजल और छायादार स्थान सहित अन्य व्यवस्थाओं पर  वरिष्ठ अधिकारी कहस निगरानी रखें।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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