बिहार में 38 या 40 जिले? प्रशांत किशोर के बयान से सियासी घमासान, पार्टी बोली– हुई गलती

बिहार में 38 या 40 जिले? प्रशांत किशोर के बयान से सियासी घमासान, पार्टी बोली– हुई गलती

बिहार में जिलों की संख्या को लेकर अचानक नया विवाद खड़ा हो गया है। जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर (PK) ने एक बयान में कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी को बिहार के 40 जिलों का नाम तक नहीं पता होगा। इसके बाद से सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई कि आखिर 38 जिलों वाले बिहार में 40 जिले कहां से आ गए?


प्रशांत किशोर के बयान पर उठे सवाल

रविवार को मीडिया में खबर चली कि पीके ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें बिहार के 40 जिलों का नाम तक मालूम नहीं है। जैसे ही यह बयान वायरल हुआ, लोग सवाल उठाने लगे कि बिहार में तो केवल 38 जिले ही हैं। फिर प्रशांत किशोर ने 40 जिलों की बात क्यों कही? सोशल मीडिया पर यूजर्स ने पीके को ट्रोल करना शुरू कर दिया और कई ने उन्हें गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया।


जन सुराज पार्टी ने दी सफाई

मामला बढ़ता देख जन सुराज पार्टी की ओर से मंगलवार (19 अगस्त, 2025) को सफाई दी गई। पार्टी ने अपने एक्स (Twitter) हैंडल से लिखा कि बिहार में 38 जिलों के साथ बगहा और नवगछिया दो और “पुलिस जिला” हैं। इस तरह कुल 40 जिले कहे जा सकते हैं।
हालांकि, पार्टी की इस सफाई के बाद भी विवाद थमा नहीं। कई यूजर्स ने तंज कसते हुए लिखा कि “जब जिले की बात होगी तो 38 ही सही जवाब होगा। पुलिस जिला अलग चीज है, उसे जिले की श्रेणी में नहीं गिना जा सकता।”


सोशल मीडिया पर मजाक और तंज

जन सुराज पार्टी की सफाई के बाद भी लोग मजे लेते रहे। एक यूजर ने लिखा कि “पुलिस जिला कोई जिला नहीं होता, सिर्फ राजस्व जिला ही जिला कहलाता है।” वहीं एक अन्य यूजर ने पीके को याद दिलाया कि उन्होंने खुद पहले कहा था कि “अगर हमारी पार्टी के 10-20 विधायक जीतेंगे तो वे अपने भविष्य का फैसला करने को स्वतंत्र होंगे।” यूजर्स ने तंज किया कि अब वही प्रशांत किशोर राहुल गांधी पर तंज कस रहे हैं, जबकि उन्हें खुद बिहार के जिलों की सही संख्या की जानकारी नहीं है।


पप्पू यादव ने भी बोला हमला

इस विवाद में सांसद पप्पू यादव भी कूद पड़े। मंगलवार शाम उन्होंने अपने एक्स हैंडल से लिखा, “बिहार में 38 ही जिला है, फिर बिहार में शराबबंदी है। कोई पीके कैसे दो और जिला बना दिया? नीतीश जी का सच में कुछ नहीं चलता है क्या? उनका स्वयंभू वारिस शराबबंदी में भी पीके बिहार में चालीस जिला बना दिया!”
पप्पू यादव के इस बयान के बाद विवाद और बढ़ गया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह बहस अब आने वाले दिनों में और तेज हो सकती है, क्योंकि बिहार की राजनीति में छोटे-छोटे मुद्दे भी बड़ा रंग ले लेते हैं।


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