पहले चरण में चुनावी रेस में हुआ अजीबोगरीब हाल; तीन सीटों पर सबसे कम प्रत्याशी, कोई निर्दलीय नहीं

Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव के लिए दो चरणों में वोटिंग होगी और इसके लिए पहले चरण में 6 नवंबर और दूसरे चरण की 11 नवंबर को वोटिंग होगी। इसके बाद 15 नवंबर को मतगणना होगी।
पहले चरण में चुनावी रेस में हुआ अजीबोगरीब हाल; तीन सीटों पर सबसे कम प्रत्याशी, कोई निर्दलीय नहीं

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए और महागठबंधन के उम्मीदवारों ने चुनाव प्रचार में पूरी ताकत लगा दी है। इस बार चुनाव दो चरणों में होंगे। 6 और 11 नवंबर को मतदान होगा, जबकि मतगणना 14 नवंबर को होगी। पहले चरण की तीन सीटें खास हैं क्योंकि इन पर सबसे कम 5-5 उम्मीदवार मैदान में हैं। इन तीनों सीटों पर कोई भी निर्दलीय उम्मीदवार नहीं है, जिससे मुकाबला और रोचक बन गया है। पहले चरण की ये सीटें परबत्ता, अलौली और भोरे हैं। मतदान 6 नवंबर को होगा। परबत्ता और अलौली खगड़िया जिले में हैं, जबकि भोरे गोपालगंज जिले में स्थित है। अलौली और भोरे सीट अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित मानी गई हैं।

जेडीयू और आरजेडी का मुकाबला

खगड़िया जिले की परबत्ता सीट जेडीयू के कब्जे वाली मानी जाती है। 2015 से यह सीट जेडीयू के पास थी, लेकिन इस बार जेडीयू के विधायक रहे संजीव कुमार ने आरजेडी का दामन थामा और अब आरजेडी ने उन्हें उम्मीदवार बनाया है। कुल पांच उम्मीदवार मैदान में हैं। LJP(R) के बाबू लाल शौर्य, RJD के डॉ. संजीव कुमार, JSP के विनय के वरुण, BSP के रॉबिन स्मिथ और RJP के नरेश प्रसाद सिंह। इस सीट पर कोई भी निर्दलीय नहीं है। दोनों बड़े गठबंधनों के नेता यहां जीत के लिए पूरी रणनीति बना रहे हैं।

आरजेडी की मजबूत पकड़

अलौली सीट खगड़िया जिले में अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित है और पिछले चुनावों में आरजेडी ने इसे अपने कब्जे में रखा। इस बार यहां आरजेडी और कुशवाहा की पार्टी के बीच कड़ी टक्कर है। पांच प्रमुख उम्मीदवारों में शामिल हैं। RJD के रामवृक्ष सदा, JDU के राम चंद्र सदा, RLJP के यशराज पासवान, JSP के अभिशंक कुमार और BSP के दशरथ राम। निर्दलीय उम्मीदवारों का कोई नाम नहीं है। चुनावी तैयारियों में दोनों गठबंधनों ने बूथ स्तर तक पूरी रणनीति तैयार कर ली है।

जेडीयू और सीपीआईएमएल आमने-सामने

गोपालगंज की भोरे सीट भी अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित है। यहां 2015 में कांग्रेस जीती थी, जबकि 2020 में जेडीयू ने कब्जा किया। इस बार एनडीए से जेडीयू के सुनील कुमार और महागठबंधन से सीपीआईएमएल के धनंजय आमने-सामने हैं। बाकी उम्मीदवार हैं BSP के सुरेंद्र कुमार राम, JSP की प्रीति किन्नर और AAP के धर्मेंद्र कुमार। कुल पांच उम्मीदवार हैं और कोई भी निर्दलीय नहीं है। इन तीनों सीटों पर मुकाबला कड़ा होने की उम्मीद है, और सभी की निगाहें यहां पर टिक गई हैं।

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