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बिहार को मिला ISO सर्टिफिकेट, अपर मुख्य सचिव ने बताया 9.84 लाख रोजगार और नई फेलोशिप योजना का पूरा ब्यौरा

Written by:Gaurav Sharma
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बिहार और बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान (बिपार्ड) को अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानक ISO 9001:2015 का प्रमाणन मिला है। राज्य के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेन्दर ने इसकी घोषणा करते हुए बताया कि सरकारी क्षेत्र में लगभग 9.84 लाख लोगों को रोजगार दिया गया है और नागरिकों के लिए सेवाओं को सुगम बनाया गया है।
बिहार को मिला ISO सर्टिफिकेट, अपर मुख्य सचिव ने बताया 9.84 लाख रोजगार और नई फेलोशिप योजना का पूरा ब्यौरा

पटना: बिहार सरकार की कार्यप्रणाली में गुणवत्ता और पारदर्शिता को एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है। बिहार और बिपार्ड (बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान) को प्रतिष्ठित ISO 9001:2015 अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानक का प्रमाणन प्रदान किया गया है। यह प्रमाणन तीन वर्षों की अवधि के लिए है और 21 जनवरी 2026 तक वैध रहेगा, जो विभागीय कामकाज में मानकीकरण का प्रतीक है।

यह अहम जानकारी बिहार के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेन्दर ने पटना में दी। उन्होंने राज्य सरकार की विभिन्न पहलों और उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि शासन को बेहतर और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।

रोजगार सृजन और नई भर्तियां

डॉ. राजेन्दर ने रोजगार के मोर्चे पर सरकार की उपलब्धियों का विस्तृत ब्यौरा दिया। उन्होंने बताया कि 1 अप्रैल 2020 से 6 फरवरी 2026 तक की अवधि में सरकारी क्षेत्र में कुल 9,84,141 व्यक्तियों को रोजगार मुहैया कराया गया है।

इनमें 7,95,832 नियमित नियुक्त कर्मचारी, 1,17,784 संविदा कर्मी और 70,525 बाह्य स्रोत से नियोजित कर्मी शामिल हैं। उन्होंने यह भी बताया कि भविष्य की नियुक्तियों के लिए भी प्रक्रिया जारी है। वर्ष 2025-26 के लिए विभिन्न आयोगों और पर्षदों को 1,50,561 पदों की अधियाचना भेजी जा चुकी है, जिस पर आगे की कार्रवाई चल रही है।

गांव स्तर तक पहुंची लोक सेवाएं

नागरिकों को सरकारी सेवाओं का लाभ आसानी से मिले, इसके लिए व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया है। बिहार लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम, 2011 के तहत 14 विभागों की 153 प्रकार की सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं।

“अब नागरिकों को प्रखंड, अनुमंडल या जिला मुख्यालय जाने की जरूरत नहीं है। जुलाई 2025 से 64 से अधिक सेवाएं पंचायत सरकार भवनों में स्थापित लोक सेवा केंद्रों के माध्यम से सीधे ग्राम स्तर पर उपलब्ध कराई जा रही हैं।”- डॉ. बी. राजेन्दर, अपर मुख्य सचिव, बिहार

इन सेवाओं में जाति, आय, आवासीय प्रमाण पत्र, नया राशन कार्ड, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और कन्या उत्थान योजना जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं शामिल हैं। अब तक राज्य में 51.13 करोड़ से अधिक आवेदनों का सफलतापूर्वक निष्पादन किया जा चुका है। इसके अलावा, बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत 18.57 लाख से अधिक शिकायतों का भी निपटारा किया गया है।

मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना और डिजिटलीकरण

राज्य में प्रतिभा को आकर्षित करने और प्रशासनिक सुधारों को गति देने के लिए मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना को स्वीकृति दी गई है। इस योजना के तहत 121 विषय विशेषज्ञों (फेलो) का चयन किया जाएगा, जिन्हें सरकार के प्रमुख कार्यालयों में काम करने का अवसर मिलेगा। इसके लिए बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाइटी और IIM बोधगया के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

इसके साथ ही, मानव संसाधन प्रशासन का पूर्ण डिजिटलीकरण भी किया गया है। इस प्रक्रिया में 2.72 लाख सेवा अभिलेखों को डिजिटल किया गया है और 1.23 करोड़ से अधिक पृष्ठों की स्कैनिंग पूरी हो चुकी है। 48 विभागों के लगभग 8 लाख कर्मियों का सेवा और वेतन प्रबंधन अब डिजिटल माध्यम से हो रहा है।