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बिहार में 25 नई चीनी मिलों की स्थापना के लिए 14 जिलों के DM को निर्देश, एक हफ्ते में 100 एकड़ जमीन खोजने का मिला टारगेट

Written by:Gaurav Sharma
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बिहार में बंद पड़ी चीनी मिलों को फिर से शुरू करने और 25 नई मिलें स्थापित करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। गन्ना उद्योग विभाग ने 14 जिलों के जिलाधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर भूमि चयन कर रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया है। हर मिल के लिए 100 एकड़ जमीन की जरूरत होगी।
बिहार में 25 नई चीनी मिलों की स्थापना के लिए 14 जिलों के DM को निर्देश, एक हफ्ते में 100 एकड़ जमीन खोजने का मिला टारगेट

पटना: बिहार में औद्योगिक विकास को गति देने के उद्देश्य से सरकार ने नई चीनी मिलों की स्थापना और पुरानी बंद पड़ी मिलों के पुनरुद्धार की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। गन्ना उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव के. सेंथिल कुमार ने राज्य के 14 जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर एक सप्ताह के भीतर भूमि चयन की प्रक्रिया पूरी कर रिपोर्ट सौंपने का सख्त निर्देश दिया है।

यह कार्रवाई सरकार के उस वादे को पूरा करने की दिशा में है, जिसमें 25 नई चीनी मिलें स्थापित करने की बात कही गई थी। इस पहल से न केवल गन्ना किसानों को फायदा होगा, बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है।

सात निश्चय-3 के तहत बड़ा फैसला

सरकार की यह पूरी कवायद ‘सात निश्चय-3’ के महत्वपूर्ण घटक ‘समृद्ध उद्योग-सशक्त बिहार’ के अंतर्गत की जा रही है। इसी योजना के तहत बंद पड़ी चीनी मिलों को फिर से चालू करने और नई मिलों की स्थापना का निर्णय लिया गया है। अपर मुख्य सचिव ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि इस कार्य योजना के क्रियान्वयन और नीति निर्धारण के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय समिति के गठन को भी स्वीकृति मिल चुकी है।

क्या हैं भूमि चयन के मानक?

विभाग ने चीनी मिल की स्थापना के लिए स्पष्ट मानक तय किए हैं। जिलाधिकारियों को दिए गए निर्देशों के अनुसार, प्रत्येक चीनी मिल की स्थापना के लिए लगभग 100 एकड़ भूमि की आवश्यकता होगी। इसके लिए सरकारी और निजी, दोनों तरह की भूमि की उपलब्धता की समीक्षा करने को कहा गया है।

भूमि चयन में इस बात का भी ध्यान रखना होगा कि मिल के आसपास के क्षेत्र में कम से कम 30 से 40 हजार एकड़ में गन्ने की खेती संभव हो। इसके अलावा, चिह्नित स्थल के पास सिंचाई की पर्याप्त सुविधाओं का होना भी अनिवार्य है। अधिकारियों को पुराने और बंद पड़े चीनी मिलों के स्थलों का भी निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है, ताकि उनके जीर्णोद्धार की संभावनाओं को तलाशा जा सके।

विशेष कृषि टास्क फोर्स का होगा गठन

चीनी मिल के लिए स्थल के चयन और गन्ना की खेती पर विचार करने के लिए एक विशेष कृषि टास्क फोर्स का भी गठन किया जाएगा। यह टास्क फोर्स भूमि की उपयुक्तता, गन्ना की खेती के लिए माहौल और अन्य तकनीकी पहलुओं पर अपनी रिपोर्ट देगी, जिसके आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नई मिलें सफलतापूर्वक स्थापित हों और लंबे समय तक चल सकें।